जेनेवा:पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अल्पसंख्यक खासकर हिन्दुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचर को लेकर द वर्ल्ड सिंधी कांग्रेस ने जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में सिंधियों के साथ पश्तून, कश्मीरी और बलूच के राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया।
उन्होंने इस दौरान सिंधी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गायब किए जाने पर चिंता जाहिर की और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारे लगाए। वर्ल्ड सिंधी कांग्रेस के सदस्य हिदायत भुट्टो ने कहा- “जो हमारे अल्पसंख्यक हिन्दू लड़कियों का अपहरण कर रहे हैं, पाकिस्तानी सेना उन कट्टरपंथियों का समर्थन कर रही है। पिछले कुछ महीने के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ तेजी से अत्याचार बढ़ा है।”
हाल के वर्षों में मुस्लिमों की तरफ से हिन्दू लड़कियों के अपहरण और जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराने के कई मामलों ने पाकिस्तान में हिन्दू समुदाय को हिलाकर रख दिया और वे अपने धर्म और कल्चर को बचाए रखने के लिए इंसाफ की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान को मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाला बताते हुए महक कुमारी के लिए इंसाफ की मांग की। महक को अधेड़ उम्र के अली राजा नाम के एक शख्स ने 15 जनवरी को सिंध प्रांत के जकोहाबाद जिले से अपहरण कर लिया था।
लड़की ने बताया कि उसे जबरदस्ती इस्लाम कबूल करवा गया, जिसकी वजह से कुछ इस्लामिक कट्टरपंथियों में जबरदस्त गुस्सा था। कोर्ट में अपनी इच्छा से इस्लाम कबूल करने के दिए बयान के बाद उस पुराने बयान से लड़की के पलटने पर कुछ पाकिस्तान मौलवियों ने उसकी फांसी की मांग की।
मौलवियों ने मुर्तड की रहनेवाली 14 वर्षीय महक पर इस्लाम के अपमान का आरोप लगाते हुए फांसी की मांग की। हालांकि, स्थानीय अदालत ने फैसला सुनाने से पहले महक कुमारी को सात दिनों के लिए लरकाना जिले के स्थानीय डार-उल-अमल भेज दिया है।

