मुंबई: 1971 के बांग्लादेश युद्ध के समय भारतीय पनडुब्बी के दिग्गज कमांडर रहे कैप्टन एम.एन.सामंत का निधन हो गया है। 1971 भारत-पाक युद्ध के हीरो रहे सामंत ने बांग्लादेश नौसेना की बुनियाद रखी थी। एक अधिकारी ने बताया, ‘दिल का दौरा पड़ने से बुधवार को उनका निधन हो गया।’
कैप्टन एम.एन.सामंत ने जुहू के भारतीय आरोग्य निधि अस्पताल में आखिरी सांसें लीं। उनके परिवार में उनकी पत्नी निर्मला और बेटियां उज्ज्वला, नताशा एवं मेघना हैं। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ विले पार्ले श्मशान में किया जाएगा।
1971 के युद्ध में अहम भूमिका
1971 के युद्ध में अदम्य साहस और बहादुरी दिखाने के लिए उनको महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के मोंगला और खुलना पोर्ट्स पर हमला करने वाले पोतों के वह कमांडर थे। उन्होंने खतरनाक इलाके और अनजान मार्ग पर अपने स्क्वॉड्रन का नेतृत्व किया। उन्होंने मोंगला पोर्ट पर दुश्मन पर अचानक हमला किया जिससे उनको संभलने का भी मौका नहीं मिला। पाकिस्तान को इस हमले में काफी नुकसान उठाना पड़ा।
उसके बाद उन्होंने खुलना पोर्ट पर हमला किया जहां भारी संख्या में दुश्मन के सैनिक मौजूद थे। खुलना पोर्ट पर भीषण युद्ध हुआ। सामंत की टुकड़ी पर पाकिस्तान की ओर से जोरदार हवाई हमले किए गए। इस हमले में बांग्लादेश मुक्तिबाहिनी की दो नौकाएं डूब गईं। वे दोनों नौकाएं भारतीय सेना के साथ मिलकर पाकिस्तानी ठिकानों पर हमले कर रही थीं। उस मुश्किल वक्त में सामंत ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बगैर बड़ी संख्या में बोट में सवार सैनिकों को बचाया। साथ ही वह दुश्मन पर हमला भी कर रहे थे।
बांग्लादेश के गठन के बाद उन्होंने वहां की नौसेना के गठन में अहम भूमिका निभाई।
नहीं रहे 1971 युद्ध के हीरो, रखी थी बांग्लादेश नौसेना की बुनियाद

