नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट यूजी 2025 परीक्षा के परिणाम और अंतिम आंसर-की को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। एक अभ्यर्थी, शिवम गांधी रैना, ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि आंसर-की में तीन सवालों के जवाब गलत होने के कारण उनकी रैंक प्रभावित हुई है। याचिका में गलतियों को सुधारने, परिणामों में संशोधन करने और काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई है। नीट यूजी 2025 परीक्षा 4 मई 2025 को आयोजित की गई थी, और परिणाम 14 जून 2025 को घोषित किए गए थे।
याचिकाकर्ता का कहना है कि प्रोविजनल आंसर-की में त्रुटियों के खिलाफ आपत्तियां दर्ज करने के बावजूद, एनटीए ने अंतिम आंसर-की को परिणाम घोषित होने के बाद ही जारी किया, जिससे अभ्यर्थियों को गलतियों को चुनौती देने का उचित अवसर नहीं मिला। सुप्रीम कोर्ट में आज इस याचिका पर सुनवाई होनी है। याचिकाकर्ता ने एनटीए से आंसर-की की दोबारा जांच और परिणामों में सुधार की मांग की है, ताकि प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। इसके साथ ही, याचिका में काउंसलिंग प्रक्रिया को तब तक स्थगित करने की मांग की गई है, जब तक कि आंसर-की की त्रुटियों को ठीक नहीं कर लिया जाता।
इस मामले ने नीट यूजी 2025 की काउंसलिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं, जो कि पहले से ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के इंदौर और उज्जैन केंद्रों पर बिजली गुल होने के कारण प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा के आदेश से देरी का सामना कर रही है। सुप्रीम कोर्ट का इस मामले में फैसला नीट अभ्यर्थियों और मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
नीट यूजी 2025 परिणाम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, छात्र ने आंसर-की में त्रुटि का लगाया आरोप

