नई दिल्ली:मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे रॉबर्ट वाड्रा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामला पटियाला हाउस कोर्ट में इसीलिए वे हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
इसके साथ ही अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को इस मामले में दो हफ्ते के अंदर हलफनामा दाखिल करने को कहा है। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि वाड्रा की याचिका में तथ्यों को छिपाया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वाड्रा की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। वाड्रा की यह याचिका कानून प्रक्रिया का दुरुपयोग है।
पिछले दिनों हुई सुनवाई में रॉबर्ड वाड्रा की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय ने कहा था कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसलिए कोर्ट से हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की गई है।
वाड्रा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि पटियाला हाउस कोर्ट में रॉबर्ट वाड्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई की जा रही है। इसलिए हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय को (Enforcement Directorate) को दो हफ्ते के भीतर याचिका का विरोध करने वाले हलफनामे को दायर करने का नोटिस भी दिया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज किए मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में वाड्रा की अंतरिम जमानत 29 मार्च तक बढ़ा दी थी।
मनी लॉड्रिंग केस: रॉबर्ट वाड्रा के मामले में दिल्ली हाइकोर्ट ने किया दखल देने से इनकार

