नई दिल्ली:भारत कोविड-19 से जूझती दुनिया के 85 देशों को चिकित्सीय सुरक्षा उपकरण, दवाइयों आदि की सहायता अनुदान के तौर पर कर रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार (28 अप्रैल) को ये जानकारी ब्रिक्स विदेश मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक के दौरान दी। भारत द्वारा दी जा रही सहायता में सार्क के कई देश, अफ्रीका सहित दुनिया के अन्य देश शामिल है। भारत द्वारा की जा रही कवायद का व्यापक स्वागत किया गया।
उन्होंने ब्रिक्स देशों के कोरोना से निपटने में सहयोग पर बल दिया। विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि महामारी न केवल मानवता के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर रही है, बल्कि वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला में अवरोध पैदा करके वैश्विक अर्थव्यवस्था और उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। आर्थिक गतिविधि नकारात्मक रूप से प्रभावित हुई है, जिससे रोजगार और आजीविका का नुकसान हुआ है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें व्यवसायों, विशेषकर एमएसएमई को संकट से निपटने और आजीविका सुनिश्चित करने के लिए सहायता प्रदान करने की जरूरत है।बैठक में महामारी को रोकने और अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के उपायों पर चर्चा की गई। ब्रिक्स में भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। ब्रिक्स देशों की आबादी 3.6 अरब और वैश्विक जीडीपी में योगदान 16.6 लाख करोड़ डॉलर का है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ब्राजील के एर्नेस्टो अराजुओवेरे ने भी बैठक में हिस्सा लिया। प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने के पारंपरिक तरीके अपनाएविदेश मंत्री ने ब्रिक्स को भारत मे प्रतिरोधी क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने के पारंपरिक प्रयास की जानकारी देते हुए कहा कि इस पद्धति को दुनिया मे अपनाने की जरूरत है। भारत ने भूटान को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन सहित कई जरूरी सामान मंगलवार को भेजे। भूटान के प्रधानमंत्री ने इसके लिए भारत को धन्यवाद कहा है।

