मुंबई। तेरापंथ भवन कांदिवली के प्रांगण में आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती आगम मनिषी प्रोफ़ेसर मुनि श्री महेंद्रकुमार जी एवं मुनिव्र्ंद ठाणा ५ के सान्निध्य में पर्यूषण पर्व का चौथा दिवस वाणी संयम दिवस के रूप में मनाया गया। धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री अजित कुमार जी, मुनि श्री अभिजीत कुमार जी ने कहा कि मनुष्य को मधुर वाणी बोलनी चाहिए। वाणी के कारण दूसरे को अपना व पराया बनाया जा सकता है। व्यक्ति को कला पूर्ण व कम बोलने का प्रयास करना चाहिए। अधिक से अधिक मौन रहने का प्रयास करना चाहिए। एक शब्द से बहुत कुछ बताया जा सकता है।
तेरापंथ युवक परिषद् के अध्यक्ष श्री अशोकजी कोठरी ने बताया कि पर्यूषण पर्व पर सुबह से तेरापंथ भवन में ज्ञान की गंगा दिन भर चलती रहती है । दिन भर सामायिक करने वाले श्रावक-श्राविकाओं की खासी संख्या रहती है । उन्होंने बताया की भवन मैं 525 चंदनबाला के पारणे हुए ।
श्री अशोकजी कोठरी ने यह भी बताया कि जो श्रावक-श्राविका किसी कारणवश प्रवचन मैं नहीं आ पा रहे है , उनके लिए You Tube के Arham Power channel पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई है ताकि उन्हें आराम से प्रवचन का लाभ मिल सके।
कांदिवली में पर्युषण का चौथा दिन: वाणी संयम दिवस मना

