सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: जमात-ए-इस्तामी के थे ISI से रिश्ते, पाक से बना हुआ था संपर्क
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
nationalstate

जमात-ए-इस्तामी के थे ISI से रिश्ते, पाक से बना हुआ था संपर्क

Last updated: March 9, 2019 3:35 pm
Surabhi Saloni
Share
4 Min Read
SHARE

नई दिल्ली:हाल में प्रतिबंधित और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय संगठन जमात-ए-इस्लामी जम्मू कश्मीर का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ गहरा संपर्क बना हुआ था और वे लोग नई दिल्ली में कार्यरत पाकिस्तान के उच्चायोग के साथ सतत संपर्क बनाये हुये थे ताकि वे राज्य में पृथकतावाद को बढ़ावा दे सके। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
हुर्रियत कांफ्रेंस में जमात-ए-इस्लामी के सबसे अहम सदस्य सैयद अली शाह जिलानी हैं। एक वक्त में प्रतिबंधित संगठन उन्हें जम्मू कश्मीर के अमीर-ए-जिहाद (जिहाद के प्रमुख) कहता था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी कि इस संगठन ने पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के साथ गहरे ताल्लुकात बना लिये थे ताकि वह कश्मीरी युवाओं को हथियार उपलब्ध कराने, प्रशिक्षण देने और शस्त्र आपूर्ति के लिए साजोसामान मुहैया करा सके। उसके नेता पाकिस्तान के नयी दिल्ली स्थित उच्चायोग में संपर्क बनाये हुए थे।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी अपने स्कूलों के नेटवर्क का इस्तेमाल कश्मीर घाटी के बच्चों में भारत विरोधी भावनाएं भरने और फैलाने का काम करती थी। वह अपने संगठन की छात्र शाखा (जमीयत-उल-तुल्बा) के सदस्यों को ‘जिहाद करने के लिए आतंकी संगठनों में जाने के लिए प्रोत्साहित करती थी।
अधिकारी ने बताया कि यह चौंकाने वाली बात नहीं है कि घाटी में आतंकवाद के ढांचे का जमात के कट्टर कार्यकर्ताओं के साथ गहरा संबंध दिखता है। इस संगठन से जुड़े कई ट्रस्ट हैं जो पुरातनपंथी इस्लामी शिक्षा को फैलाने के लिए स्कूल चलाते हैं। इसकी एक युवा शाखा है और वह अपनी दक्षिणरपंथी विचारधारा फैलाने के लिए कई तरह के प्रकाशन भी करती है।
यह संगठन 1945 में जमात-ए-इस्लामी हिंद के एक हिस्से के तौर पर बनाया गया और राजनीतिक विचारधारा में आये मतभेदों के चलते 1953 में यह संगठन उससे अलग हो गया। यह चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने का विरोध करती है और विधि द्वारा के स्थापित सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करती है। जमात पाकिस्तान से संचालित हिज्बुल मुजाहिदीन के डर का इस्तेमाल करती थी और अपने सदस्यों और ट्रस्ट के पैसों की मदद से काम काज चलाती थी ताकि जमीनी स्तर पर उसकी पकड़ बनी रहे। इससे वह कश्मीर घाटी में आतंकी संगठनों को लिए उर्वर जमीन मुहैया कराती थी और उनकी मदद के लिए प्रोत्साहन देने, नयी भर्तियां, आश्रय और छिपने की जगह और कूरियर वगैरह का काम करती थी।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जमात के कट्टरपंथी पृथकतावादी तत्वों के अग्रिम मोर्चे की तरह काम करते थे और ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के गठन और साथ ही हिज्बुल मुजाहिदीन के पीछे उनका ही दिमाग था। इसके अलावा ये कट्टरपंथी आतंकी समूहों के साथ मिलकर पृथकतावादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम भी करते थे। इसके तार विदेशों में भी फैले हुये थे जहां से ये पैसों का इंतजाम भी करती थी। इसके रिश्ते जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान, जमात-ए-इस्लामी पीओके, जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश के साथ थे।
यह घाटी में धार्मिक वैमनस्य भी फैलाती थी ताकि इस्लाम धर्म के उदारवादी पंथों के साथ तनाव उत्पन्न हो सके। केंद्र सरकार ने 28 फरवरी को इस संगठन को प्रतिबंधित कर दिया था। पर इससे पहले इस संगठन को दो बार प्रतिबंधित किया जा चुका है। पहली बार 1975 में राज्य सरकार ने दो साल के लिए और दूसरी बार 1990 केंद्र सरकार ने तीन साल के लिए प्रतिबंध किया था।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article मैं कांग्रेस में रहूंगा और कांग्रेस का समर्थन करता रहूंगा:अल्पेश ठाकोर
Next Article मसूद अजहर का नाम लेकर राहुल का तंज

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

नवरात्रि में झूमने के लिए हो जाइए तैयार, सनशाइन म्यूजिक ने ड्रॉप किया ‘शामों से सवेरा’ म्यूजिक ट्रैक!
entertainment
September 25, 2026
रक्तदान कर्तव्यम् : शिवशक्ति लेमिनेट पॉइंट के रक्तदान शिविर में 55 यूनिट रक्त संग्रहित
social
September 25, 2026
12 वर्षीय अगस्त्य मित्तल ने महाराष्ट्र राज्य बिलियर्ड्स एवं स्नूकर चैंपियनशिप में ट्रिपल क्राउन जीतकर रचा इतिहास!
Mumbai / Maharshtra
September 25, 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष एकजुट, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे गंभीर सवाल
national
September 25, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?