नई दिल्ली:देशभर में न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अहम कवायद शुरू की है। सुप्रीम कोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम (डीसीएमएस) नाम से एक सॉफ्टवेयर तैयार कराया है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए सुप्रीम कोर्ट सीधे देशभर के न्यायिक अधिकारियों के रोजाना के कामकाज का हिसाब-किताब रखेगा। इसकी शुरुआत दिल्ली की जिला अदालतों से की जा रही है।
इस बाबत दिल्ली की सभी जिला अदालतों के न्यायिक अधिकारियों के लिए सर्कुलर जारी किया गया है। सर्कुलर में सिविल जज, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट व सत्र न्यायाधीशों को डीसीएमएस से तुरंत जुड़ने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सख्त हिदायत दी गई है कि हर न्यायिक अधिकारी को अपने प्रत्येक दिन के काम को इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इस पूरी प्रक्रिया की खास बात यह रहेगी कि न्यायिक अधिकारी मामले निपटाने के बाद इन्हें अपलोड करने की जिम्मेदारी मातहतों पर नहीं डाल पाएंगे, बल्कि स्वयं उन्हें हर दिन यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी रिपोर्ट कार्य समाप्त होने के बाद डीसीएमएस पर डाली जाए।
सब-लॉगिन बनाना होगा
डीसीएमएस के माध्यम से दिल्ली के सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी सब-लॉगिन आईडी तैयार करें। इसी के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों को प्रतिदिन निपटाए गए मुकदमों का आंकड़ा डीसीएमएस पर डालना होगा। इसके अलावा लंबित मुकदमों और उन्हें निपटाने के लिए संभावित तारीख तय करनी होगी।
2 जनवरी से व्यवस्था लागू होगी
दिल्ली के सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शीतकालीन अवकाश खत्म होने के बाद आगामी 2 जनवरी से उनका डीसीएमस से जुड़ना अनिवार्य होगा।
कई स्तर पर निगरानी
सर्कुलर में कहा गया है कि प्रत्येक जिले की मुख्य लॉगिन आईडी जिला जज के पास होगी, जबकि न्यायिक अधिकारी सब-लॉगिन के आधार पर रिपोर्ट अपलोड करेंगे। इस तरह मुकदमों के निपटारे में तेजी आएगी और कई स्तर पर न्यायिक अधिकारियों के कामकाज पर नजर भी रखी जा सकेगी।
देश के सभी कोर्ट को जोड़ेंगे
राजधानी में सफल प्रयोग करने के बाद इस प्रणाली को देश की सभी जिला अदालतों से जोड़ने के लिए भी मॉनिटरिंग कमेटी काम कर रही है। दिल्ली में इसका प्रभाव देखने के बाद जल्द ही अलग-अलग प्रदेशों की जिला अदालतों के लिए इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
जिला अदालतें सुप्रीम कोर्ट को देंगी काम का ब्योरा, नया सिस्टम कराया गया तैयार

