इसलाम पुर । अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के लॉक डाउन करोना विश्व महामारी के समय जहां चारों ओर भय का वातावरण बना हुआ है ,कब,क्या,कैसे हुआ? कब खत्म होगा के प्रश्नों का व्यूह दिलो-दिमाग को घेरे हुए है। पूरा विश्व लोक डाउन से थम सा गया है ,रुक सा गया है, वहीं गुरु की असीम कृपा, जज्बे ,हौसले एवं उन्नत चिंतन से सराबोर हमारी अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा बैद के नेतृत्व में 450 शाखाओ की 60,000 महिलाओं ने जप ,तप और स्वाध्याय से जुड़कर इस स्थिति के भय से उबर कर अभय बनाया स्वयम को , अपने परिवार को एंव अपने समाज को।
22 मार्च को जब लोकडाउन शुरू हुआ उसी दिन से अखंड जप का शंखनाद हो गया। दस प्रत्याख्यान(10 दिनों का विशेष तप) द्वारा बहनों ने अपने चित्त को शांत रखने का विशेष प्रयास किया। महावीर जयंती के अवसर पर प्रश्नमंच में 3625 संभागी बने।एक शाम महावीर के नाम का ऑनलाइन आयोजन हुआ 200महिलाओं एंव 70 कन्याओ और 30 राष्ट्रीय पदाधिकारी ने भाग लिया ।16 सतियों के जीवन चरित्र में 3010 संभागी एंव तेरापंथ धर्म संघ की आठ साध्वीप्रमुखाओं के जीवन पर आधारित प्रतियोगिताओं द्वारा सभी को ज्ञानार्जन के क्रम से जोड़ा गया।जिसमें लगभग 3170 लोगों की सहभागिता रही ।
महिला मंडल के तत्वावधान में अखिल भारतीय कन्या मंडल ने भी आध्यात्मिक चेतना के जागरण हेतु become powerful soul-सीखें 25 बोल का प्रशिक्षण चल रहा है ।प्राषुक पानी का वर्तमान जीवन में महत्व बताया गया। 11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक व्यक्तित्व विकास ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन हुआ जिसमें 3250 लोगों की सहभागिता रही। प्रतिमाह 1 तारीख और 15 तारीख को brainvita quiz abtmm app पर ज्ञानवर्धन कराया जा रहा है । Covid 19 की इन विषम परिस्थितियों में अ भा ते म मं के शाखा मंडलों ने राहत कार्यों में भी अपना अमूल्य योगदान दिया है। हज़ारो ज़रूरतमंदों को खाद्य सामग्री, दवाइयां, मास्क , सैनिटाइजर आदि वितरित किये गए। अनेक शाखाओं ने स्थानीय सरकार की आर्थिक रूप से भी सहायता की है।
जहां लोकडाऊन की वजह से दूरियां बढ़ गई हैं, वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा बैद एवं महामंत्री तरुणा बोहरा ने ऑनलाइन मीटिंग के द्वारा इन दूरियों को नजदीकियों में बदल दिया। 13 दिन के अंतराल में अभातेममं न्यासमण्डल एवं कार्यसमिति बैठक तो हुई ही ,इसके साथ-साथ 22 राज्यों में स्थित शाखा मंडलों की तो मानों संगठन यात्रा ही हो गई ।250 शाखा मंडल के अध्यक्ष, मंत्री ,राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य, क्षेत्रीय प्रभारी आदि सभी इसमें सहभागी बने। ऑनलाइन मीटिंग का सफल आयोजन। अ भा ते म मं की पहचान जैन ही नहीं अपितु जैनेत्तर समाज में भी महिलाओं के एक ऐसे संगठन के रूप में है ,जिसकी सोच आकाश को छूने वाली है और जज्बा फौलादी है।धर्म, समाज एवं राष्ट्र हित में कार्य करने वाला यह संगठन हर स्थिति में अपनी कार्यदक्षता का परिचय देने वाला है।
समाचार प्रदाता: शशीकला बैद
जब कोविड-19 ने विश्व में त्राहि-त्राहि मचाई, तब आभातेममं ने तप-जप की अलख जगाई

