मुंबई। 29 अगस्त 2019 शासन श्री साध्वी श्री चन्दनबालाजी के सानिध्य में पाटीदार वाडी में प्रवचन हुआ सभी भाई-बहन के गणवेश से एक अलग ही भव्य नजरा दिख रहा था। साध्वी श्री वर्धमान श्री जी नमस्कार महामंत्र से कार्यक्रम की सुरुवात की। अभिनव सामायिक को त्रिपदी वंदना से शुरू की और सामायिक को तीन भागों में बांटा जो कि जप, ध्यान और स्वाध्याय। ओम.अ.सि.आ.उ.सा. का जाप करवाया, ध्यान में उन्होंने दीर्घ श्वास प्रेक्षा करवाई और स्वाध्याय में साध्वी श्री वर्धमान श्री जी ने आचार्य श्री तुलसी द्वारा रचित अरिहंत भगवान पर गीतिका सुनाई।
साध्वी श्री समीक्षा प्रभा जी ने हमें थोड़ा सामायिक के बारे में बताया की वह दो प्रकार की होती है एक आजीवन सामायिक जो चारित्र आत्मावो की होती है और एक 48 मिनट की सामायिक जो कि हम श्रावक श्राविका की होती है ।उनके बाद साध्वी श्री प्रणवयशा जी ने भगवान अजीतनाथ के बारे में बताया उनकी जन्म से लेकर उनका मोक्ष एक छोटी सी कथा के रूप में बताई।शासन श्री साध्वी चंदमबालाजी ने बताया किपर्युषण में चतुर्दशी का बहुत बड़ा महत्व है,उस पर जानकारी दी।श्रावक निष्ठा पत्र का वचन महेंद्र तातेड़ द्वारा किया गया।अभिनव सामायिक में आस पास के क्षेत्र सायन कोलीवाड़ा,विक्रोली,कुर्ला, काजुपाड़ा आदी की भी सहभागिता रही।सामायिक दिवस पर लगभग 1800 के आसपास सामायिक हुई।
घाटकोपर में पर्यूषण महापर्व का तीसरा दिन सामायिक दिवस के रूप में मनाया गया

