कॉमेडियन अभिनेता कपिल शर्मा की फ़िल्म “किस किसको प्यार करूँ 2 रिलीज हो चुकी है। वीनस वर्ल्डवाइड एवं अब्बास मस्तान फ़िल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फ़िल्म “किस किसको प्यार करूँ 2” का निर्देशन एवं लेखन अनुकल्प गोस्वामी ने किया है।फ़िल्म में कपिल के साथ असरानी, मनजोत सिंह, हीरा वरीना, पारुल गुलाटी, त्रिधा चौधरी, आयशा ख़ान, विपिन शर्मा, अखिलेन्द्र मिश्रा, जेमी लीवर, सुशांत सिंह, स्मिता जयेकर, सुप्रिया शुक्ला एवं बाल कलाकार अर्णव आदि ने किरदार निभाये हैं। फ़िल्म के लेखक निर्देशक वही अनुकल्प हैं जो कपिल शर्मा शो को भी लिखते रहे हैं शायद यही कारण है कि फ़िल्म में कई पंच उसी तरह के लगते हैं जैसे उनके शो में भी देखने को मिलते हैं। फ़िल्म में -4 हीरोइनों के अलावा कपिल शर्मा की रीयल लाइफ़ पत्नी गिनी का अपीरियन्स मज़ेदार है। फ़िल्म में सिद्धू पा जी की कमेंट्री भी उसी अंदाज़ में ठोको गुरु सुनाई देता है, जैसा उनके शो में होता है।
कहानी: फ़िल्म “किस किसको प्यार करूँ 2” भोपाल के युवक मोहन शर्मा (कपिल) की कहानी है जो मुस्लिम लड़की सानिया (हीरा वरीना) से पिछले 16 वर्षों से प्यार करता है और अब वह 32 साल का होने के बाद सानिया से शादी करना चाहता है। लेकिन धर्म उनके प्यार के आड़े आ जाता है, और दोनों के पिता इनकी शादी के सख़्त ख़िलाफ़ हैं। यहाँ तक कि एक बार ये दोनों शादी करने के लिए रजिस्ट्रार के ऑफिस जाते हैं तो परिवार वाले वहाँ पहुंचकर भी हंगामा करते हैं और दोनों की शादी नहीं हो पाती। इसलिए दोनों अलग अलग हथकंडे अपनाते हैं ताकि उनकी शादी हो जाए। मोहन अपना धर्म बदलकर महमूद बन जाता है तो सानिया के पिता मिर्जा (विपिन शर्मा) मान जाते हैं लेकिन ऐन मौके पर पता चलता है कि जिस लड़की से उसका निकाह हो गया वह सानिया नहीं बल्कि रूही (आयशा ख़ान) है। सानिया शादी के पहले ही रूही को मंडप में बिठाकर भाग जाती है क्योंकि उसे पता चलता है कि उसके पिता उसकी शादी उस महमूद से करवा रहे हैं जिससे पहले से तय किया हुआ था। मोहन निकाह के बाद रूही को अपनाने से मना करता है तो रूही जान देने निकल पड़ती है, मजबूरी में उसे रूही को अपनाना पड़ता है। लेकिन अब भी सानिया से ही शादी करना चाहता है और उससे शादी की कोशिशें करता है। इसी बीच मोहन के माँ -बाप अपनी पसंद वाली मीरा (त्रिधा चौधरी) से उसकी शादी उसे बेहोश करके करवा देते हैं और होश आने पर वह उसे भी अपनाने से मना करता है तो मीरा जान देने निकल पड़ती हो। मोहन उसे भी रोकता है और मजबूरी में अपना लेता है। इधर सानिया मोहन को शादी के लिए गोवा बुलाती है जहाँ मास वेडिंग में दोनों शादी करना चाहते हैं लेकिन यहाँ भी इत्तफ़ाक़ कुछ ऐसा बनता है कि मोहन को एक क्रिश्चियन लड़की जेनी (पारुल गुलाटी) से शादी करना पड़ता है और मजबूरी में वह इसे भी अपना लेता है। तीन शादियां होने के बावजूद भी मोहन सानिया को भूल नहीं पाता और उससे शादी करना चाहता है। इन सब शादियों और सानिया की तलाश में मोहन का साथ देता है उसका दोस्त हरभजन सिंह हब्बी (मनजोत सिंह)। अंत में क्या होता है, क्या मोहन को सानिया मिलती है? इन तीन शादियों के दौरान क्या क्या धमाके होते हैं? और चार लड़कियों के बीच गिनी की एंट्री के बाद क्या धमाल होता है यह सब जानने के लिए एक बार थियेटर जाकर कपिल शर्मा की फ़िल्म “किस किसको प्यार करूँ 2” देखना चाहिए। वाक़ई में यह ऐसी फ़िल्म है जिसे पूरे परिवार के साथ देखकर एंजॉय किया जा सकता है, लेकिन शर्त यह है की लॉजिक नहीं लगाना है। हालांकि ठहाके उतने नहीं लग पाते जितनी कपिल शर्मा की फ़िल्म होने के नाते उम्मीद की जा रही थी, बावजूद इसके फ़िल्म पारिवारिक पृष्ठभूमि पर है इसलिए देखने में मज़ा ही आयेगा।
निर्देशन: जैसा कि हमने ऊपर ही बताया है कि फ़िल्म का निर्देशन व लेखन कपिल शर्मा शो लिखने वाले अनुकल्प गोस्वामी ने ही किया है इसके पहले भी “किस किसको प्यार करूँ” का भी निर्देशन उन्होंने ही किया था। ऐसा लगता है बड़े पर्दे पर कहीं न कहीं उनसे चूक हो जाती है, इसलिए वह नहीं बन पाता जिसकी उम्मीद रहती है। यही कारण है कि फ़िल्म का फर्स्ट हाफ़ थोड़ा बोरिंग हो जाता है तथा सेकंड हाफ भी उतना प्रभावी नहीं बन पाता।लोकेशन व सिनेमेटोग्राफ़ी बढ़िया है।
अभिनय: कपिल शर्मा लीड रोल में हैं लेकिन उनकी टीवी की छवि और टीवी वाला चाल ढाल व पंच यहाँ भी हावी रहते हैं, ऐसे में उनके अभिनय में गोविंदा वाले फ्लेवर की उम्मीद करना बेमानी होगी, लेकिन मनजोत सिंह ने जबरदस्त काम किया है। फ़िल्म की हीरोइनें हीरा वरीना, पारुल गुलाटी और आयशा ख़ान का अभिनय औसत है जबकि त्रिधा ने थोड़ा प्रभाव छोड़ा है। फ़िल्म में चर्च के फादर बने असरानी का रोल मज़ेदार है। बाक़ी कलाकारों में विपिन शर्मा मिर्ज़ा के रोल को बखूबी किया है जबकि अखिलेन्द्र मिश्रा ने बाबूजी के रोल को मज़बूती से जिया है। इंस्पेक्टर डिकोस्टा बने सुशांत सिंह का रौब ज़बरदस्त है जबकि सामाजिक संगठन की कार्यकर्ता के रोल में जेमी लीवर ने अच्छा अभिनय किया है। स्मिता जयेकर, सुप्रिया शुक्ला का भी अभिनय बढ़िया है जबकि बाल कलाकार अर्णव को जितना भी स्पेश मिला है, उसमें वे अच्छे लगे हैं।
गीत: हनी सिंह के साथ वाला तो अच्छा है ही त्रिधा चौधरी और कपिल शर्मा पर फिल्माया गया आइटम नंबर बढ़िया बन गया है।
फिल्म “किस किसको प्यार करूं 2” को सुरभि सलोनी की तरफ से ढाई स्टार।

