नई दिल्ली:भारतीय वायुसेना प्रमुख राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने शुक्रवार को कहा कि 27 फरवरी को श्रीनगर में एमआई-17 हेलिकॉप्टर क्रैश को लेकर कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी ने जांच पूरी कर ली है। इसमें दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। यह हमारी गलती थी कि हमने अपने ही हेलिकॉप्टर को निशाना बनाया। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी गलती न दोहराई जाए।
एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने वार्षिक एयर फोर्स डे प्रेस कॉन्फ्रेंस के अवसर पर बालाकोट स्ट्राइक का प्रमोशनल वीडियो जारी किया। इस वीडियो में दिखाया गया है कि भारतीय जांबाजों ने किस तरह बालाकोट स्ट्राइक को अंजाम दिया था। एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा, “वायुसेना ने 26 फरवरी को बालाकोट स्ट्राइक समेत, एक साल में कई उपलब्धियां हासिल की है। 27 फरवरी को पाकिस्तान के साथ हवाई जंग हुई थी। इसमें भारत ने अपना मिग-21 और पाकिस्तान ने एफ-16 लड़ाकू विमान खोया था।”
ड्रोन से निपटने के लिए उपकरण तैयार हैं: वायुसेना प्रमुख
उन्होंने कहा, “राफेल और एस-400 डिफेंस मिसाइल सिस्टम के आने से भारतीय वायुसेना की क्षमता में बढ़ोतरी होगी।” भारतीय सीमा में पाकिस्तानी ड्रोन पाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि छोटा ड्रोन एक नया खतरा बन गया है और इस समस्या से निपटने के लिए पहले ही कुछ उपकरण तैयार रखे गए हैं। यह वायुक्षेत्र के उल्लंघन का मामला है और इसको लेकर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान की तरफ से किसी प्रकार की घटना को अंजाम दिया जाता है तो सरकार के आदेश के मुताबिक उसका जवाब दिया जाएगा।”
एमआई-17 चॉपर को अपनी मिसाइल से गिराना गलती, 2 अफसरों पर कार्रवाई होगी: वायुसेना प्रमुख

