मुंबई। समग्र जैन समाज की सबसे पुरानी संस्था भारत जैन महामंडल ने भगवान महावीर स्वामी के 2625 वें जन्मकल्याणक महोत्सव का भव्य आयोजन जनसंत श्रमणोपाध्याय 108 श्री विरजनसागर जी महाराज, आचार्य श्री नयपद्मसागर जी महाराज आदिठाना, श्रमण मुनि 108 श्री विसौम्यसागरजी महाराज, आचार्य श्री महाश्रमण जी के विद्वान शिष्य मुनि कुलदीपकुमारजी स्वामी एवं मुनि श्री मुकुल कुमार जी स्वामी के पावन सानिध्य में दादर स्थित योगी सभागृह में मंगलवार 31 मार्च को किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं विशिष्ट अतिथि महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा थे। विशेष अतिथि मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम, शिवसेना (शिंदे)की राष्ट्रीय प्रवक्ता शायना एनसी, भाजपा नेत्री योजना ढोकले थे। जबकि स्वागताध्यक्ष मेहुल दिलीप मेहता के अलावा बॉम्बे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस केके तातेड, महामंडल के पूर्व अध्यक्ष सीए केसी जैन, सीए सीसी डांगी, लायन सुरेश जैन, बाबूलाल बाफना, के के तातेड़, पी पी डांगी, राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़, महामंत्री बाबूलाल बाफना, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुरेश अंचलिया, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष भूपेश कोठारी, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष तरुणा बोहरा, ललित डांगी, बीसी भलावत, मानक धींग, भंवरलाल कर्णावट, सुरेंद्र कोठारी, कुमार बोहरा, किशनलाल डागलिया, विनोद बोहरा, गणपत डागलिया, देवेंद्र डागलिया, महावीर कोठारी, महेश बाफना, भारत जैन महामंडल के युवा मंत्री अमित रांका सहित पूरी युवा टीम एवं बड़ी संख्या में जैन समाज के प्रतिनिधि, महिला एवं पुरुष उपस्थित थे।
द्वीप प्रज्वलन एवं नवकार महामंत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई तत्पश्चात भारत जैन महामंडल के अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़ ने अपना स्वागत भाषण देते हुए सभी उपस्थित लोगों का स्वागत किया और उन्होंने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें जैन धर्म मिला। हम सब मिलकर मानव सेवा के क्षेत्र में काफ़ी अच्छा काम कर सकते हैं। उन्होंने समस्त जैन समाज से संस्था का सदस्य बनकर जैन एकता को मज़बूत करने की अपील की। जैन हॉस्टल निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि जो भी लोग संस्था से जुड़े हैं उन पर हमें गर्व है। आचार्य भगवंत एवं मुनिवृंद के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। तातेड़ ने लाड़नू में चल रहे योगक्षेम वर्ष का जिक्र करते हुए जैन एकता को मज़बूत करने की अपील की।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने देरी से पहुँचने के लिए माफ़ी माँगी और भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने दुनिया में चल रहे युद्ध के माहौल का ज़िक्र करते हुए कहा कि हिंसा और असहिष्णुता बढ़ती जा रही है ऐसे समय में महावीर के संदेशों की पूरी दुनिया को जरूरत है क्योंकि आतंकवाद कहता है कि तुम मरोगे तो मैं जीवित रहूँगा और महावीर स्वामी सभी के जीने की बात करते हैं। हमें अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए, ऐसा महावीर स्वामी का उपदेश हैं। आज विश्व को संघर्ष से बचाने के लिए महावीर स्वामी के संदेश की जरूरत है। यह जयंती नहीं आत्मचिंतन का अवसर है। श्री शिंदे ने जैन समाज द्वारा देश व समाज को दिए योगदान की प्रशंसा की।
इस भव्य कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने इस मौके पर महावीर स्वामी के सिद्धांतों का जिक्र किया और कहा कि समाज के प्रतिनिधियों को सरकार एवं हिंदू समाज से समन्वय बनाकर चलने की जरूरत है। श्री लोढ़ा ने जैन समाज से अपील करते हुए विवादों से दूर रहने की बात कही।
जनसंत श्रमणोपाध्याय विरजन सागर जी महाराज ने कहा कि महावीर स्वामी के सिद्धांत हमारे जीवन में आ जाए तो हम सबका कल्याण हो जाए। उन्होंने कहा कि हमें भगवान को मानने से कोई दिक्कत नहीं, मानिए लेकिन भगवान की बात मानने की जरूरत है। भगवान महावीर स्वामी के सूत्र को स्वीकार करना होगा। हमें ईगो त्यागना होगा क्योंकि दो लोगों के ईगो के कारण आज पूरी दुनिया परेशान है। हमारे भारत देश की यदि पहचान और आन बान शान है तो वह “जियो और जीने दो तथा अहिंसा परमो धर्म से है। हम सब महावीर के अनुयायी हैं, हमें साथ रहना चाहिए।
इस मौके पर उपस्थित विराट जन सैलाब को अपनी प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए आचार्य नयपद्म सागर जी महाराज ने फ़रमाया कि हर जीव में आत्मा है। इस बात का बोध हमें भगवान महावीर ने कराया। भगवान महावीर कहते हैं कि संसार को स्वर्ग बनाने की क्षमता यदि किसी में है तो वह नारी है। भगवान महावीर ने नारी क्रांति का उद्बोध किया क्योंकि नारी का संस्कारी होना जरूरी है और नारी के संस्कारी होने से पूरी दुनिया संस्कारी बनेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीश एवं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भूरि- भूरि प्रशंसा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की सराहना करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि उनके नेतृत्व में आज भारत विश्वगुरु बनने की तरफ़ अग्रसर है। आचार्य श्री अपने ओजस्वी संबोधन से सभी के मन को झकझोर दिया। उन्होंने अहिंसा के मूल्यों का बखान करते हुए कहा कि अहिंसा का मतलब कायरता बिल्कुल भी नहीं थी, देश की आज़ादी की बुनियाद में अहिंसा है क्योंकि महात्मा गांधी की माँ एक जैन थीं।
मुनिश्री कुलदीप कुमार स्वामी ने महावीर स्वामी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तमाम सुखों से परिपूर्ण होने बावजूद वे वर्धमान क्यों बने, मुनि क्यों बने यह समझने की जरूरत है। आज हमें उनके चिंतन को जानने की महती आवश्यकता है। मुनिश्री ने महावीर स्वामी के जीवन से प्रेरणा लेकर जीवन जीने की प्रेरणा दी और कहा कि आज हमें महावीर स्वामी को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है। महावीर स्वामी भारतीय संस्कृति के गौरवशाली परंपरा के संवाहक थे, उनके जैसे जियें न कि सिर्फ नारा लगायें।
स्वागताध्यक्ष दिलीप मेहता ने बेटियों के लिए बनायी गई अपनी संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम हर साल 10 हज़ार बच्चियों को पढ़ायेंगे। हमने यह संकल्प लिया है।
ललित डांगी ने कहा कि ख्यालीलाल जी तातेड़ संस्था को शिखर पर ले जायेंगे क्योंकि वे सक्षम हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज आध्यात्मिक, मनवता का उत्सव है क्योंकि भगवान महावीर के सिद्धांत आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना 2625 वर्ष पहले था। उन्होंने जीतो के सिद्धांतों, उद्देश्यों व कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला।
युवा अध्यक्ष भूपेश कोठारी ने कहा कि महावीर के विचार ही सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी है। हम महावीर स्वामी के सहारे ही आगे बढ़ सकते हैं।
महिला अध्यक्ष तरुणा बोहरा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए मातृशक्ति को वंदन किया और कहा कि भारत जैन महामंडल ऐसी संस्था है जहाँ चारों संप्रदायों का संगम होता है। हम सभी को इसका मेम्बर बनकर इस यूनिटी को और मज़बूत बनाना होगा। हमें जन्मना नहीं कर्मणा जैन बनना होगा।
इस मौके पर भारत जैन महामंडल की सदस्यता को लेकर 10 प्रतिशत रियायत की घोषणा की गई। मंच पर कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, मुंबई भाजपा के अध्यक्ष अमित साटम, शिवसेना (शिंदे) की प्रवक्ता शायना एनसी, भाजपा नेत्री योजना ढोकले सहित कई अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम को अमित साटम एवं शायना एनसी ने भी संबोधित किया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन भारत जैन महामंडल के राष्ट्रीय महामंत्री बाबूलाल बाफना ने किया।
भारत जैन महामंडल ने किया महावीर जयंती कार्यक्रम का भव्य आयोजन
Highlights
- आज विश्व को संघर्ष से बचाने के लिए महावीर स्वामी के संदेश की जरूरत: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

