26/11 आतंकी हमले में जान की बाज़ी लगानेवाले सेना और पुलिस जवानों को अथर्व फाउंडेशन की श्रद्धांजलि

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मुंबई। अथर्व फ़ाउंडेशन की ओर से 26/11 के आतंकवादी हमले के दौरान सर्वोच्च बलिदान देनेवाले सेना और पुलिस की जांबाज़ी को सलामी देनेवाले कार्यक्रम का आयोजन स्वातंत्र्य वीर सावरकर उद्यान ग्राउंड में किया गया इस अवसर पर श्री सुनील राणे (बोरिवली से विधायक और अथर्व फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष), कर्नल विकास गुप्ता एससी, कर्नल आर. एस. चौहान, लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज सिन्हा, मेजर अशोक कौल (रिटायर्ड). समन्वयक : कर्नल सुधीर राजे (रिटायर्ड); वर्षा राणे ट्रस्टी अथवा फाउंडेशन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में सेना और पुलिस के कर्तव्यनिष्ठ और सर्वोच्च बलिदान देनेवाले जवानों के प्रति जागरुकता लाना है. इस कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को हमारे जवानों की बहादुरी पर नाज़ करने और उनके पदचिह्नों पर चलकर देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करना है. इस मौके पर आयोजित किये जानेवाले देशभक्ति से परिपूर्ण कार्यक्रम के ज़रिए शहीद जवानों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा. इसके बाद देशभक्ति संबंधी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
उल्लेखनीय है 26/11 के आतंकवादी हमले को 11 साल हो चुके हैं,‌ मगर 26/11 के हमलों की भयावह यादें आज भी लोगों के ज़ेहन में ताज़ा हैं, जो आज भी लोगों को डराती हैं. 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तानी आतंकवादी समुद्री रास्ते से मुम्बई में आये और लोगों पर अंधाधुंध फ़ायरिंग करने के बाद 166 आम लोगों, 18 सुरक्षाकर्मियों की जान ले ली थी और कई अन्य लोगों को ज़ख़्मी कर दिया था. इस हमले में करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान भी हुआ था. एटीएस के मुखिया दिवंगत हेमंत करकरे, आर्मी मेजर दिवंगत संदीप उन्नीकृष्णन, हवलदार गजेंद्र सिंह, मुम्बई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिवंगत अशोक कामटे, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दिवंगत विजय सालस्कर, सब इंस्पेक्टर दिवंगत तुकाराम ओम्बले ऐसे चंद नाम हैं जिन्होंने इस हमले के दौरान आतंकवादियों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी और दुश्मनों से लड़ते हुए वीरता की अनोखी मिसाल पेश की. इस दौरान भारतीय सेना, एनएसजी कमांडो और मुम्बई पुलिस ने अपने अथक प्रयासों से लोगों के मन से डर को दूर करते हुए शहर के जज़्बे को ज़िंदा रखा. यकीनन इस दौरान इन वीर जवानों के परिवारों ने अपने चेहतों की कमी को ख़ूब महसूस किया होगा. शायद यही वजह है कि यह शहर कभी भी सोता नहीं है और स्याह अंधेरे में भी बेख़ौफ़ अंदाज़ में जीता है।
आतंकवादियों से लड़ते हुए अपनी जान क़ुर्बान करनेवाले जांबाज़ जवानों के परिवारवालों को 26 नवंबर,‌2019 को सार्वजनिक तौर पर सम्मानित किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि अथर्व फ़ाउंडेशन की ओर से 26/11 में शहीद होनेवाले पांच जांबाज़ों की कहानियां लोगों के सामने लाई जाएंगी. सेना से जुड़ी जानी-मानी हस्तियां मंच पर आकर ऐसे 5 जवानों की प्रेरक कहानियों को अपने ही अंदाज़ में पेश करेंगी. इसी दौरान सेना के हर जवान से संबंधित एक ऑडियो-विज़ुअल प्रस्तुति भी पेश की जाएगी. यहां पेश किये जानेवाले देशभक्ति से परिपूर्ण गाने लोगों के दिलों में देश के प्रति आदर और प्यार से भर देंगे. इस कार्यक्रम में सरकार से संबंधित गणमान्य हस्तियां व सरकारी अधिकारी, शहीदों के परिजन, भी मौजू्द रहेंगे. सेना के पूर्व जवान, NSS और NCC के छात्र, पुलिसकर्मी और आम नागरिक भी अपनी मौजूदी दर्ज़ कराएंगे. इस कार्यक्रम का आयोजन हमारे लिए एक ऐसा अवसर है, जिसके ज़रिए हम साथ इकट्ठा होकर सेना के प्रति आदर और आभार जता सकें. यह जांबाज़ जवानों को श्रद्धांजलि देने का वक्त है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की।
इस विशेष कार्यक्रम के आयोजन के दौरान श्री मुनीमसिंह संतशरणसिंह भदौरिया (दिवंगत लांस नायक गोपाल सिंह भदौरिया एससी के पिता), श्रीमती विनिता बिष्ट (दिवंगत हवलदार गजेंद्र सिंह बिष्ट एसी की पत्नी), श्रीमती अरुणा बापूराव दुर्गुडे (मुम्बई पुलिस के दिवंगत सब इंस्पेक्टर श्री बापूसाहेब दुर्गुडे एससी की पत्नी), श्रीमती स्नेहलता एम. चौधरी (रेलवे पुलिस में पुलिस मेडल प्राप्त दिवंगत श्री एम. सी. चौधरी की पत्नी), श्रीमती मनीषा अरुण चिट्टे (मुम्बई पुलिस के दिवंगत कांस्टेबल श्री अरुण चिट्टे केसी की पत्नी) विशेष अतिथियों के तौर पर मौजू्द रहे।

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