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देश की अर्थव्यवस्था को लैंड माइन्स पर बिठाकर गई थी यूपीए सरकार:पीएम

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) की शुरुआत करते हुए कहा कि लोन डिफॉल्टर्स से सरकार एक-एक पैसा वसूल रही है। उन्होंने नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट (एनपीए) समस्या के लिए यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ‘नामदारों’ ने फोन बैंकिंग के जरिए महज छह साल में लाखों करोड़ रुपये कुछ बड़े लोगों को बांट दिए। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार देश की अर्थव्यवस्था को लैंड माइन्स पर बिठाकर चली गई।
पीएम ने कहा, ‘आजादी के बाद से लेकर 2008 तक हमारे देश के सभी बैंकों ने कुल मिलाकर 18 लाख करोड़ रुपये की राशि ही लोन के तौर पर दी थी। लेकिन 2008 के बाद सिर्फ छह साल में यह राशि बढ़कर 52 लाख करोड़ रुपये हो गई, ले जाओ, बाद में मोदी आएगा रोएगा, ले जाओ। यानी जितना लोन बैंकों ने आजादी के बाद दिया था उसका दोगुना लोन पिछली सरकार के 6 साल में दिया।’
फोन बैंकिंग से नामदारों ने दिया लोन
पीएम ने कहा, ‘ये लोन कैसे दिया जाता था? तेरा भी भला-मेरा भी भला। उस समय एक परंपरा आई थी फोन बैंकिंग। नामदार यदि फोन कर दे तो लोन मिल ही जाता था। जिस भी धन्नासेठ को लोन चाहिए था वह नामदारों से बैंकों में फोन करवा देता था। बैंकवाले फिर उसे अरबों का लोन दे देते थे। सारे कानून से ऊपर था नामदारों का फोन। सवाल उठता है कि बैंकों ने मना क्यों नहीं किया? क्योंकि नामदारों के द्वारा ही अधिकारी नियुक्त होते थे। जब ये लोग डिफॉल्ट करने लगे तो भी बैंकों को फोन आने लगे कि उन्हें फिर लोन दीजिए। एक लोन लेकर दूसरा लोन चुकाने लगे। जो लोग इस गोरखधंधे में थे उन्हें पता था कि पोल जरूर खुलेगी।’
‘देश से छुपाया गया सच’
पीएम ने कहा, ‘एक और साजिश रची गई, कितना पैसा फंसा है यह देश से छुपाया गया। देश को कहा गया कि सिर्फ 2 लाख करोड़ रुपये हैं फंसे हैं। 2014 में जब हमारी सरकार बनी तो बैंकों को सही हिसाब देने को कहा गया। तब पता चला कि 9 लाख करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। ब्याज जुड़ने की वजह से यह राशि बढ़ती जा रही है। 2014 में सरकार बनने के कुछ समय बाद ही हमें अहसास हो गया था कि ये नामदार देश को ऐसी लैंडमाइन पर बिठाकर गया है, उस समय देश को बताया जाता तो विस्फोट हो जाता। हमने एहतियात के साथ देश को संभाला।’
‘शुरू हो गई है लोन की वापसी’
उन्होंने एनपीए समस्या से निपटने की तैयारी को लेकर कहा, ‘हमारी ही सरकार एनपीए की समस्या देश के सामने लेकर आई है। हमने इस बीमारी को दूर करने के लिए कई कदम उठाए हैं। 50 करोड़ से बड़े सभी कर्ज की जांच की गई। हमने कानून बदले, बैंकों का मर्जर किया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। भगोड़ों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। बड़े लोन लेने वालों की बैंक डिटेल भी सरकार के पास रखना शुरू कर दिया है। 12 सबसे बड़े डिफॉल्टर जिन्हें 2014 के पहले लोन दिया था, जिनके एनपीए की राशि पौने 2 लाख करोड़ रुपये हैं, उन पर कार्रवाई हो रही है। उन 12 के अलावा अन्य 27 के खिलाफ करीब 1 लाख करोड़ रुपये का एनपीए है। इनकी वापसी पर भी काम चल रहा है। जिन लोगों को लगता था कि उनके खाते में केवल इनकमिंग ही रहेगा अब आउटगोइंग की शुरुआत हुई है।’
‘अब गरीबों को मिल रहा लोन
पीएम ने कहा, ‘पहले बैंक इनके पीछे पड़ते थे और हमने कानून ऐसा बनाया है कि खुद बैंक के पीछे दौड़ने लगे हैं। दिनोंदिन बैंकिंग सिस्टम मजबूत होने के साथ जांच एजेंसियों का शिकंजा कसने जा रहा है। इन बड़े लोन में से एक भी इस सरकार का दिया हुआ नहीं है। हमने आने के बाद बैंकों की दशा और दिशा बदल दी है। पहले नामदारों के आशीर्वाद से बड़े लोगों को लोन मिलता था अब हमारे डाकिए के आशीर्वाद से आम लोगों को लोन मिलेगा। करोड़ों लोगों को मुद्रा योजना के तहत लोन दिया गया है।’
‘देश की अर्थव्यवस्था को मेडल’
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी के आंकड़ों को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारे खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स में सबसे अच्छा प्रदर्शन दिखाया तो दूसरी तरफ देश की अर्थव्यव्सथा को भी मेडल मिला है। जो आंकड़े आए हैं वह देश का अत्मविश्वास है। 8.2 फीसदी की रफ्तार भारत की ताकत को दिखाता है। ये आंकड़े जानकारों के अनुमान से अधिक हैं। जब देश सही दिशा में चलता और सही दिशा में काम होता है तो ऐसे ही परिणाम आते हैं। भारत सबसे तेजी से गरीबी मिटाने वाला देश बना है। नया भारत सवा सौ करोड़ लोगों की मेहनत से आगे बढ़ रहा है।’
हर गरीब के घर तक बैंक
मोदी ने कहा, ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से हर गरीब, दूरदराज पहाड़-जंगलों में बसे लोगों के दरवाजे तक बैंक पहुंचाने का संकल्प के पूरा होने का रास्ता खुल गया है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक देश के अर्थतंत्र में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। हमारी सरकार ने पहले करोड़ों लोगों को जनधन के माध्यम से बैंक तक पहुंचाया और अब हम बैंक को गांव और गरीब के दरवाजे तक पहुंचा रहे हैं। ‘आपका बैंक आपके द्वार’ यह हमारा कमिटमेंट है।’
पीएम ने कहा कि देशभर के 648 जिलों में पोस्ट पेमेंट्स बैंक इसकी शाखाएं शुरू हो रही हैं और हमारी चिट्ठियां लाने वाला डाकिया अब बैंक चलता-फिरता बैंक बन गया है। जीएसटी, जनधन, आधार जैसे सुधारों के क्रम में अब IPPB भी जुड़ गया है। भारतीय डाक विभाग के पास डेढ़ लाख से अधिक डाकघर हैं। सवा लाख डाकघर गांवों में हैं। 3 लाख डाकिए और डाकसेवक हैं। इन्हें टेक्नॉलजी से जोड़कर सबसे शक्तिशाली संस्था बना दिया गया है।

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