नाइट शिफ्ट में हल्का नाश्ता करना फायदेमंद

0
43

इन दिनों नाइट शिफ्ट में काम करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इस दौरान भूख लगने पर लोग कई तरह की चीजें खाते हैं। लेकिन, एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने कहा है कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों को रात में भारी भोजन खाने की जगह हल्का नाश्ता करना चाहिए।

भारी भोजन से नींद आती है : यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने पहली बार ऐसा शोध किया है, जिसमें यह विश्लेषण किया गया है कि खाने का तरीका काम के दौरान प्रदर्शन को कैसे प्रभावित करता है। उन्होंने पाया कि सैंडविच या करी जैसे भारी भोजन की बजाय रात की शिफ्ट में काम करने वालों के लिए हल्का-फुल्का नाश्ता करना ज्यादा बेहतर होता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि रात की शिफ्ट में हल्का नाश्ता खाने वाले लोग किसी भी परिस्थिति में जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं और इसके  विपरीत भारी खाना खाने वाले लोगों को नींद आने लगती है।

इस शोध के दौरान प्रतिभागियों को चीज क्रैकर्स और नमकीन दी गई। शिफ्ट में काम करने वाले लाखों लोग शिकायत करते हैं कि रात में खाने की वजह से उनकी डाइट खराब हो गई है। शोध में देखा गया कि नर्सें, जो ज्यादातर लेट शिफ्ट में काम करती हैं, उनमें मोटे होने की संभावना ज्यादा होती है। ऐसा शरीर की जैविक घड़ी के बिगड़ने के कारण और खाने के खराब विकल्पों के कारण होता है।

प्रमुख शोधकर्ता शार्लोट गुप्ता ने कहा कि कई कंपनियां और उद्योग चौबीसों घंटे काम करने के लिए कर्मचारियों पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि रात की शिफ्ट में काम करने वाले लोग शिफ्ट में खाना खाते हैं ताकि वे जागते रहें। लेकिन,  अब तक किसी भी शोध ने यह नहीं दिखाया है कि यह उनके स्वास्थ्य और प्रदर्शन के लिए अच्छा है या बुरा।  यह पहला अध्ययन है जिसमें दिखाया गया है कि विभिन्न प्रकार के भोजन खाने के बाद कर्मचारी कैसा महसूस करते हैं और उनका प्रदर्शन कैसा रहता है।

पत्रिका न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित शोध में 44 स्वस्थ प्रतिभागियों पर अध्ययन किया गया। ये प्रतिभागी नाइट शिफ्ट में काम नहीं करते थे। इन्हें तीन तरह की टीम में बांटा गया। उन्हें लैब में रात भर जगाकर रखा गया और दिन में सोने के लिए कहा गया। सभी ग्रुप ने 24 घंटे के अंदर 1900 से 2600 कैलोरी का सेवन किया, लेकिन सभी के खाने का समय अलग-अलग था। एक समूह को आधी रात को भारी भोजन दिया गया था और एक समूह को आधी रात को नाश्ता दिया गया था, जैसे  नमकीन, क्रैकर्स,  मूसली बार के साथ एक सेब।

शोधकर्ता ने कहा, हमने प्रतिभागियों से कई सारे परफॉर्मेंस टेस्ट कराए। प्रतिभागियों ने अपने भूख के स्तर, पेट की प्रतिक्रिया और नींद आने की रेटिंग की। आधी रात को नाश्ता करने वाले प्रतिभागियों को अन्य दो समूहों की तुलना में अधिक सक्रियता महसूस हुई।

कार्यों में बेहतर प्रदर्शन किया
शोधकर्ता गुप्ता ने कहा, आधी रात को नाश्ता करने वाले तेजी से प्रतिक्रिया कर रहे थे। हमने उन्हें एक ड्राइविंग टेस्ट दिया और वे सुरक्षित ड्राइविंग कर रहे थे इसलिए कम दुर्घटनाएं हुईं। जिस ग्रुप ने रात में कुछ भी नहीं खाया था वे भारी भोजन करने वालों से ज्यादा सक्रिय थे। लेकिन, जिस ग्रुप ने नाश्ता किया था उन्होंने दोनों ग्रुपों की तुलना में ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया।

दिन में खाना न छोड़ें
दिन में भी भारी भोजन करने से नींद आती है, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है दिन में खाना न छोड़ें और उसकी जगह नाश्ता न करें। शोधकर्ता ने कहा कि दिन में भारी भोजन आसानी से पच जाता है और इससे नींद आने की समस्या जल्द ही खत्म हो जाती है। यह सिर्फ हमारी जैविक घड़ी के कारण होता है। वहीं, रात में हमारा शरीर भारी भोजन नहीं पचा पाता, इसलिए नाश्ता बेहतर विकल्प होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)