ब्रिटेन के शाही परिवार में आए नए मेहमान को डब्बावालों ने भेजा चांदी का कड़ा, पट्टा और लॉकेट

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मुंबई: ब्रिटेन के शाही परिवार में कुछ दिन पहले पैदा हुए प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल के पुत्र को मुंबई के डब्बावालों ने तोहफा भेजा है। बताया जा रहा है कि करीब पांच हजार डब्बावालों ने चंदा करके शाही मेहमान को चांदी का कड़ा, करधनी और लॉकेट भेजा है।
मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तलेकर ने कहा, ‘‘प्रिंस चार्ल्स हमारे मित्र हैं। वे दादा बन गए हैं। प्रिंस चार्ल्स की वजह से डब्बे वालों को दुनियाभर में शोहरत मिली है। इसलिए राजघराने में राजपुत्र पैदा होने का आनंद सभी डब्बावालों को है।”
बजरंबली जैसा बलशाली बनने की कामना
तालेकर ने आगे कहा, ‘‘लॉकेट में हनुमान जी का चित्र है। हमारी मनोकामना है कि बालक हनुमान की तरह बलवान और सामर्थ्यवान हो। नवजात बालक के लिए यह विशेष उपहार मुंबई में ब्रिटिश कॉउंसिल को दिए गए।’’
प्रिंस चा‌र्ल्स ने भी मानी थी डब्बावालों की बात 
2003 में इंग्लैंड के राजकुमार प्रिंस चा‌र्ल्स ने भारत दौरे के वक्त मुंबई के डब्बावालों से मिलने की इच्छा जताई थी। डब्बावाले दो शर्तों पर उनसे मिलने के लिए तैयार हुए। पहली यह कि वे टिफिन देने के बाद खाली समय में उनसे मिलेंगे, क्योंकि वे लंदन के राजा से मिलने के लिए अपने दो लाख ग्राहकों को तकलीफ नहीं दे सकते। दूसरा प्रिंस को उनसे मिलने उनके पास आना होगा। प्रिंस चा‌र्ल्स को डब्बावालों की शर्त के आगे झुकना पड़ा और वह उनसे मिलने के लिए मुंबई आए।
ब्रिटेन आने का न्यौता दिया 
डब्बावालों की योजनाबद्ध कार्यशैली से प्रिंस चा‌र्ल्स इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने डब्बावालों को अपने देश में मैनेजमेंट का पाठ पढ़ाने के लिए आमंत्रित किया। इतना ही नहीं, इन डब्बावालों को महारानी एलिजाबेथ की ओर से प्रिंस की शादी में भी आमंत्रित किया गया था। इस शादी में शरीक होने वाले 1500 अतिथियों में मुंबई के डब्बावालों को आमंत्रित किया जाना वाकई इनके लिए गर्व की बात थी।

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