मंत्री मुनि श्री सुमेर मल जी “लाडनू” की धर्म संघ में सेवाएं अद्वितीय थी-कमल मुनि

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सूरत। श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के शासन स्तम्भ मंत्री मुनि श्री सुमेरमल जी “लाडनू” के 85 वर्ष की उम्र में जयपुर में देवलोकगमन होने पर गुरुवार को भटार रोड़ स्थित आशीर्वाद पैलेस में आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमलकुमार जी आदि ठाणा-3 के सान्निध्य में गुणानुवाद स्मृति सभा का के पहले चरण का आयोजन किया गया।
मंत्री मुनि श्री सुमेरमल जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कमल मुनि ने बताया कि वे आत्म तत्व इतिहास के ज्ञाता, कुशल रचनाकार, प्रवचनकार, स्वनाम धन्य, गुरु इंगित आराधक, संघ प्रभावक मुनि थे, वे जैन दर्शन, वैदिक दर्शन व भारतीय दर्शन के तुलनात्मक अध्ययन के पारंगत विद्वान थे, जिनके हाथ से दीक्षित अग्रगण्य ही नही बल्कि आचार्य पद पर प्रतिष्ठित हुए ये गौरव की बात है, उनके कर कमलों द्वारा कुल 4 दीक्षाएं हुई, जिसमें आचार्य श्री महाश्रमण जी व 46 वर्षों से उनके साथ रहे मुनि उदित कुमार जी भी दीक्षित हुए हैं, तथा दो अन्य मुनि औऱ दीक्षित हुए थे, मुनि श्री ने कहा कि धर्म संघ में उनकी सेवाएं अद्वितीय थी, उनकी सेवाओं से गुरु बड़े ही प्रभावित थे, उनकी प्रवचन शैली भी बड़ी ही विचित्र थी, वे जैन रामायण बड़ी ही रोचकता के साथ सुनाते थे, मुनि श्री ने कहा कि मंत्री मुनि ने महज दस वर्ष की उम्र में दीक्षा ग्रहण कर दी थी व उनकी अदभुत नेतृत्व क्षमता को परखते हुए आचार्य श्री तुलसी ने उनको महज 20 वर्ष की उम्र में अग्रगण्य का दायित्व सौंप दिया था।
मुनि श्री ने कहा कि मंत्री मुनि के परिवार से उनके बड़े भाई हनुमान मल जी व उनकी बहिन साध्वी केसर जी के रूप में दीक्षित हुई, विशेष यह भी है कि ये तीनो भाई-बहिन तेरापंथ धर्म संघ में अग्रणी बने, आप इस धर्म संघ में दूसरे “मंत्री मुनि” थे लेकिन “मंत्री मुनि” व “शासन स्तम्भ” जैसे सम्बोधन प्राप्त करने वाले वे एक मात्र सन्त थे, ज्ञात रहे कि मंत्री मुनि का देवलोकगमन मंगलवार को जयपुर के मालवीय नगर स्थित अणु विभा केंद्र में हो गया था, उनकी अंत्योष्टि बुधवार को जयपुर के आदर्श नगर स्थित जैन श्वेताम्बर मोक्षधाम में हुई,उनकी वैंकुटी यात्रा में सूरत सहित देश भर से हजारों श्रद्धालु जयपुर पहुंचे थे, गुणानुवाद सभा मे श्री अमृत लाल मेहता, श्री मीठालाल संघवी, तेरापंथ महिला मंडल की मंत्री संगीता सिसोदिया, जैन विधि संस्कारक श्री विजयकांत खटेड, कर्मणा जैन श्री महेश भाई नानावटी, तेरापंथ युवक परिषद के नव मनोनीत अध्यक्ष श्री प्रकाश छाजेड़ ने भी भावांजलि अर्पित की, गुणानुवाद सभा का संचालन तेरापंथ सभा के मंत्री श्री जीतू भाई मेहता ने किया।
गुणानुवाद स्मृति सभा का द्वितीय चरण भटार रोड़ स्थित राम मंदिर के समीप “तुलसी दर्शन” में 10 मई शुक्रवार को सुबह 8.15 से 9.30 बजे आयोजित होगा।

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