लिएंडर पेस के हटने के बाद भारत ने युगल जोड़ी चुनी

पालेमबांग:भारतीय टेनिस दल ने लिएंडर पेस के अचानक हटने के बाद एशियाई खेलों की रविवार से शुरू होने वाली स्पर्धा से 24 घंटे से कम समय पहले अपनी युगल जोड़ी चुन ली है। टीम चयन से असंतुष्ट पेस ने अंतिम मिनट में टूर्नमेंट से हटने का फैसला किया, जिससे कप्तान और कोच जीशान अली के लिए परेशानियां बढ़ गईं। एकल प्रविष्टियां पर पहले ही फैसला हो गया था और अब रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की युगल जोड़ी भी तय थी। शुक्रवार शाम को कड़े ट्रेनिंग सत्र के बाद दूसरी युगल और मिश्रित युगल जोड़ियों को चुन लिया गया।

भारत के लिए ये दोनों स्पर्धाएं हमेशा ही महत्वपूर्ण रही हैं, जिसमें देश ने चार साल पहले पांच पदक जीते थे इसमें मिश्रित युगल का स्वर्ण, पुरुष युगल में एक रजत और कांस्य के अलावा महिला युगल कांस्य शामिल था। रामकुमार रामनाथन एकल स्पर्धा में प्रजनेश गुणेश्वरन के साथ होंगे और वह सुमित नागल के साथ दूसरी पुरुष युगल जोड़ी बनाएंगे जो देर रात यहां पहुंचे।

कप्तान इस बात से नाराज थे कि उन्हें रामकुमार, प्रजनेश और सुमित के बीच में से युगल का चयन करना पड़ा, क्योंकि ये सभी एकल विशेषज्ञ हैं। जीशान पहले ही कह चुके हैं कि पेस की अनुपस्थति बड़ा झटका होगी और महिला इकाई को सानिया मिर्जा के बिना पदक के लिए जूझना होगा। मिश्रित युगल में पसंद काफी दिलचस्प है। अंकिता रैना और करमन कौर थांडी एकल स्पर्धा के अलावा मिश्रित युगल में क्रमश: रोहन और दिविज के साथ खेलेंगी।
युगल खिलाड़ी प्रार्थना थोम्बरे की मिश्रित युगल के लिए अनदेखी की गई है और वह अंकिता के साथ युगल स्पर्धा में खेलेंगी जो तीन स्पर्धाओं में शिरकत करेंगी। रूतुजा भोंसले और प्रंजला यादलापल्ली दूसरी महिला युगल खेलेंगी। जीशान ने दोहराया कि युगल चयन से पहले रैंकिंग को ध्यान में नहीं रखा गया और फैसला सर्वश्रेष्ठ टीम संयोजन के आधार पर लिया गया। जीशान ने कहा, ‘यह फैसला बीती रात अभ्यास सत्र के बाद रोहन और दिविज से बात करने के बाद लिया गया।’
अभ्यास सत्र में रोहन ने प्रार्थना के साथ जबकि दिविज और अंकिता ने जोड़ी बनायी। बाद में अंकिता और बोपन्ना तथा करमन और दिविज ने मिलकर अभ्यास किया। सभी पांच स्पर्धाओं के ड्रॉ आज निकाले जाएंगे। इस बार कोई टीम स्पर्धा नहीं होगी और भारत को इंचियोन खेलों जैसा प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
जापान के केई निशिकोरी (23वीं रैंकिंग), दक्षिण कोरिया के हियोन चुंग (25) और कजाखस्तान के मिखेल कुकुशिन (88) ने टूर्नमेंट से हटने का फैसला किया है, जिससे पुरुष एकल ड्रॉ में सभी खिलाड़ियों के लिए मौका है। भारत के नंबर एक खिलाड़ी युकी भांबरी (97) भी अमेरिकी ओपन की वजह से इन खेलों में हिस्सा नहीं ले रहे। उज्बेकिस्तान के अनुभवी डेनिस इस्तोमिन (76) इसमें शीर्ष वरीय होंगे। वह 2010 खेलों के फाइनल में सोमदेव देववर्मन से हार गए थे।
महिला एकल में काफी प्रतिस्पर्धा होगी, जिसमें दुनिया की 32वीं नंबर की खिलाड़ी चीन की शुआई झांग शीर्ष वरीय हैं। उनकी हमवतन वांग कियांग (53) गत चैंपियन हैं और ऐसी कई खिलाड़ी हैं, जो भारत की अंकिता (187) और करमन (197) से ऊंची रैंकिंग पर काबिज हैं।
इसमें थाइलैंड की उपविजेता लुकसिका कुकखुम (93), वांग यफान (91) और चीन की दुआन यिंगयिंग (109), उज्बेकिस्तान की सबिना शारिपोवा (124) और जापान की मियू कातो (169) भी शामिल हैं। टेनिस स्पर्धा कल से शुरू होंगी, जिसमें रविवार को पुरुष एकल, महिला एकल और मिश्रित युगल के पहले दौर के मैच खेले जाएंगे।

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