हिंसक हुआ  मोदी सरकार के “अग्निपथ योजना” विरोधी आक्रोश, अब दिल्ली तक पहुंचा विरोध

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा मंगलवार को सेना में बहाली के लिए घोषत ‘अग्निपथ’ योजना का कई राज्यों में जमकर विरोध हो रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश में इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। इस बहाली योजना के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। आंदोलनकारियों ने इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। सरकार इसके लिए फिलहाल तैयार नहीं दिख रही है। हालांकि, एक संसोधन जरूर किया गया। इस साल के लिए अधिकतम उम्र की सीमा को 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दिया गया। कई राजनीतिक दलों ने भी इस स्कीम को वापस लेने की मांग की है। मोदी सरकार ने मंगलवार को सेना में बहाली के लिए ‘अग्निपथ’ योजना की घोषणा की थी। इस योजना का विरोध अब दिल्ली तक पहुंच चुका है।
सेना भर्ती को लेकर केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई अग्निपथ योजना को लेकर पूरे देश में युवाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी बीच अग्निपथ योजना से नाराज सैकड़ों की संख्या में युवा राजस्थान के भरतपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और जयपुर-आगरा रेलवे ट्रैक पर जाम लगा दिया। आक्रोशित युवाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बिहार के मोतिहारी में अग्निपथ के विरोध में घोड़ासहन स्टेशन पर भी हंगामा हुआ है। समस्तीपुर से रक्सौल जा रही 05525 सवारी गाड़ी को रोक दिया गया है। आंदोलनकारियों ने स्टेशन पर मामूली तोड़फोड़ की है। पुलिस के द्वारा समझाकर उन्हें स्टेशन से हटा दिया गया है। बाद में आंदोलनकारी छात्र रेलवे गुमटी पर पहुंच गये और रेल ट्रैक पर आगजनी कर वहीं जमे हैं। स्थानीय पुलिस रेलवे गुमटी से भी आंदोलनकारियों को हटाने के प्रयास में जुटी है।
बिहार के मोतिहारी में अग्निपथ के विरोध में घोड़ासहन स्टेशन पर भी हंगामा हुआ है। समस्तीपुर से रक्सौल जा रही 05525 सवारी गाड़ी को रोक दिया गया है। आंदोलनकारियों ने स्टेशन पर मामूली तोड़फोड़ की है। पुलिस के द्वारा समझाकर उन्हें स्टेशन से हटा दिया गया है। बाद में आंदोलनकारी छात्र रेलवे गुमटी पर पहुंच गये और रेल ट्रैक पर आगजनी कर वहीं जमे हैं। स्थानीय पुलिस रेलवे गुमटी से भी आंदोलनकारियों को हटाने के प्रयास में जुटी है।
अग्निपथ योजना पर जारी विरोध प्रदर्शन के खिलाफ हरियाणा में प्रशासन सख्त रवैया अपना रहा है। गुरुग्राम में धारा 144 लागू कर दी गई है। इस दौरान चार से ज्यादा लोगों के जुटने पर पाबंदी रहेगी। रक्षा मंत्रालय की नई ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में शुक्रवार को सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर गुस्साई भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सिकंदराबाद के गांधी अस्पताल ले जाया गया। सेना भर्ती परीक्षाओं के इच्छुक सैकड़ों उम्मीदवारों ने तेलंगाना शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन में तोड़फोड़ की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “जीआरपी को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने के बाद गुस्साई भीड़ पर गोलियां चलाने के लिए मजबूर होना पड़ा।” अग्निपथ के खिलाफ चल रहे आंदोलन के कारण कुल 200 ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। पूरे देश में 35 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जबकि 13 को शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया गया है।
भारतीय सशस्त्र बलों में ‘अग्निपथ’ योजना के तहत चार साल के लिए भर्ती का विरोध कर रहे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अब कारण भी गिना दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह अवधि बहुत ही कम है। साथ ही उनका कहना है कि यह व्यवस्था सेना के लिए काम नहीं आएगी। खास बात है कि सिंह भी राजनेता बनने से पहले 1963 से 1966 के बीच सेना का हिस्सा रह चुके हैं।

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