मुंबई। तेरापंथ युवक परिषद अंधेरी के विशेष प्रयास द्वारा पहली बार अंधेरे में उपासक पधारे हैं। यहां प्रवक्ता उपासक दिनेशजी कोठारी और उपासक जयंतीलाल जी बरलोटा जी के पधारने से पर्युषण पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। पर्युषण पर्व का पहला दिवस खाद्य संयम दिवस के रूप में मरूधर भवन में मनाया गया। सुबह 8:45 पर सबसे पहले नमस्कार महामंत्र के 10 मिनट जाप से कार्यक्रम की शुरुआत हुई और दुबई से पधारे हुए प्रवक्ता उपासक दिनेशजी कोठारी ने 10 मिनट शरीर प्रेक्षा और श्वास प्रेक्षा का प्रयोग करवाया।
अन्धेरी महिला मंडल नागरदास रोड की बहनों द्वारा ‘लो अर्हंतां रो शरणो, जो चाहो भवजल तरणो ‘ , गीत से मंगलाचरण हुआ। अन्धेरी की संयोजिका हर्षा राजेश जी कुमठ ने संचालन में बताया कि भगवान महावीर स्वामी के समय में पर्युषण पर्व एक ही दिन का होता था और हमारे उत्तरवर्ती आचार्यों ने समय को ध्यान में रखते हुए और श्रावको में सजगता लाने हेतु पर्युषण पर्व को 8 दिन मनाने का संकल्प किया।थाने से पधारे हुए हमारे उपासक भाई जयंतीलाल जी बरलोटा ने श्रावकों को उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार से हमें भोजन करना चाहिए। हमें मित आहार, हित आहार और ऋत आहार करना चाहिए। तीन प्रकार के आहार के बारे में बताया और यह भी बताया कि कौन-सा भोजन हमारे स्वास्थ्य के अनुकूल है और कौन-सा नहीं।
प्रवक्ता उपासक दिनेशजी कोठारी से हमें यह जानने को मिला कि भगवान महावीर स्वामी को नयसार के भव में सम्यक्त्व की प्राप्ति कैसे हुई। उन्होंने बताया कि मोक्ष हमारा लक्ष्य है। पर्युषण में विशेष साधना कर मोक्ष मार्ग पर आगे बढ़ना है। ज्ञानार्जन और तप करने की प्रेरणा दी और क्योंकि यह वर्ष हम महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी वर्ष के रुप में मना रहे हैं तो साथ ही साथ भाई श्री दिनेशजी ने सहज ही सम्बोधि का वाचन भी शुरु कर दिया है। जिससे श्रावकों को सुनने में रस आने लगा और उन्होंने समय को बढाने की मांग की। सम्बोधि का वाचन रोज सुबह के प्रवचन में होगा। लगभग 80 श्रावक श्राविकाओं की उपस्थिति रही। उनमें से 30 श्रावक श्राविकाओं ने उपवास का प्रत्याख्यान किया। यह जानकारी मंत्री किरण रोठागण ने दी।
अंधेरी में पहली बार पधारे उपासक, पर्युषण का पहला दिवस ‘खाद्य संयम दिवस’ मनाया गया

