मुंबई: मुंबई के अनुभवी आलराउंडर अभिषेक नायर ने क्रिकेट के सभी प्रारुपों से संन्यास ले लिया है। नायर ने कहा, ”मैं बिलकुल संतुष्ट हूं… इतने सारे क्रिकेटर मौजूद हैं जो उस स्थिति में पहुंचना चाहते हैं जिस स्थिति में मैं आज हूं। मैं इतने लंबे समय तक खेलने का मौका मिलने के लिए सिर्फ आभार ही जता सकता हूं। बेशक कोई मलाल नहीं है। मैं खुश हूं।”
अभिषेक नायर ने सिर्फ तीन वनडे इंटरनेशनल मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा। मुश्किल स्थिति से टीम को उबारने के लिए मुंबई के संकटमोचन के रूप में पहचाने जाने वाले 36 साल के नायर ने 103 प्रथम श्रेणी मैचों में से अधिकांश मुंबई की टीम के लिए खेले और इस दौरान 5749 रन बनाए और 173 विकेट भी हासिल किए।
अभिषेक नायर ने लगभग डेढ़ दशक के अपने करियर के दौरान घरेलू स्तर की शीर्ष टीमों में शामिल मुंबई को कई मैच जिताए। नायर ने दक्षिण अफ्रीका में 2009 में हुए इंडियन प्रीमियर लीग के पहले ही मैच में मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटाफ के एक ओवर में तीन छक्के जड़ कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था।
आठ अक्तूबर 1983 को सिकंदराबाद में जन्मे नायर ने इस मैच में सिर्फ 14 गेंद में 35 रन की पारी खेलकर मुंबई इंडियंस को चेन्नई सुपर किंग्स पर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई और सचिन तेंदुलकर को भी अपना मुरीद बना दिया था।
दिनेश कार्तिक भी मुंबई के दिग्गज अभिषेक नायर को निदहास ट्रॉफी 2017 में मिली अपनी सफलता का श्रेय देते हैं। अभिषेक नायर को मुम्बई रणजी क्रिकेट टीम के लगातार खिताब जीतने साथ ही दिनेश कार्तिक, श्रेयस अय्यर और उन्मुक्त चंद जैसे बल्लेबाजों के मेंटोर के रूप में भी जाना जाता है।
बता दें कि बाएं हाथ के बल्लेबाज और सीम गेंदबाज अभिषेक नायर को सबसे पहले जुलाई 2009 के वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया था। हालांकि, उन्हें मौका नहीं मिल पाया था। इसके बाद उन्हें सितंबर 2009 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम इंडिया के प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। इस मैच में अभिषेक ने 3 ओवर की गेंदबाजी की और 17 रन दिए, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली।
टीम इंडिया में रहने के दौरान वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में ही कोई खास कमाल नहीं कर पाए, जिसके बाद उन्हें ड्रॉप कर दिया गया।
अभिषेक नायर ने क्रिकेट के सभी प्रारुपों से लिया संन्यास

