नई दिल्ली: भारत अब रूस से आर-27 मिसाइल खरीदेगा। दोनों देशों के बीच इसे लेकर 1500 करोड़ रु. की डील हुई है। आर-27 मिसाइल को लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई में लगाया जाएगा। यह जानकारी न्यूज एजेंसी ने सोमवार को सरकारी सूत्रों के हवाले से दी।
सूत्रों ने बताया- रूस की ये मिसाइलें हवा से हवा में मार करने में सक्षम हैं। इनके सुखोई में लगने के बाद उसकी क्षमता और बढ़ जाएगी। भारतीय सेना दूर से ही दुश्मनों के लड़ाकू विमानों को मार सकेगी। आर-27 मध्यम से लंबी दूरी की मिसाइल है। इसे रूस ने खासतौर पर मिग और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों के लिए बनाया है।
7600 करोड़ रु. तक के सौदों पर हस्ताक्षर
पिछले 50 दिनों में भारतीय वायु सेना ने आपातकालीन जरूरतों के तहत हथियार खरीदने के लिए कई सौदों पर हस्ताक्षर किए। आईएएफ ने स्पाइस-2000, स्ट्रम अटका एटीजीएम जैसी मिसाइलों को प्राप्त करने के लिए लगभग 7,600 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इससे पहले जून में भारत और रूस के बीच एंटी-टैंक मिसाइल ‘स्ट्रम अटाका’ खरीदने के लिए 200 करोड़ रुपए का समझौता हुआ था। इन मिसाइलों को एमआई-35 हेलिकॉप्टर में लगाया जाएगा।
सरकार से सेना को मिली शक्तियां
सूत्र ने यह भी बताया कि 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले के कुछ दिनों के बाद ही तीनों सेनाओं को आपातकालीन शक्तियां दी गई थीं। इसके तहत सेना अपनी जरूरत के हिसाब से तीन महीनों में 300 करोड़ रुपए के हथियार खरीद सकती है।

