पर्थ:गेंद से छेड़छाड़ की घटना के बाद से अपनी खोई प्रतिष्ठा हासिल करने के लिए जूझ रहे ऑस्ट्रेलिया ने अपने खिलाड़ियों को अनुशासित बनाने के लिए ‘कुलीन ईमानदारी’ जैसे कुछ शब्द गढ़े हैं। दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न को टीम मैनेजमेंट का यह रवैया कतई पसंद नहीं है और उनका मानना है कि शब्दों से नहीं बल्कि काम से बदलाव लाया जाना चाहिए।
रिपोर्टों के मुताबिक साउथ अफ्रीका के खिलाफ पर्थ में खेले गए वनडे मैच के दौरान टीम के ड्रेसिंग रूम में कुछ शब्द लिखे गए थे जिनमें ‘कुलीन ईमानदारी’ भी एक शब्द था। प्रशंसक सोशल मीडिया पर इन शब्दों का खूब मजाक बना रहे हैं। बेबाक टिप्पणी करने वाले वॉर्न भला कैसे पीछे रहते। उन्होंने भी कमेंट्री करते हुए इस नई संस्कृति की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘सभी शब्दों को भूल जाओ, छींटाकशी को भूल जाओ और इस तरह की अन्य चीजों को भूल जाओ। यह सब बकवास है। सच में इससे उल्टी करने का मन करता है। आखिर में क्रिकेट एक खेल है, जो प्रदर्शन पर आधारित है। आपको मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करना होता है। आप अपने प्रदर्शन से और मैदान पर जैसा खेल दिखाते हो उससे खुद को प्रेरित करते हो। इस तरह के शब्द या 200 पेज का दस्तावेज इसमें कोई भूमिका नहीं निभाता। मैदान पर उतरो और अच्छा खेल दिखाओ।’
बॉल टैंपरिंग: शेन वॉर्न बोले- सच में, उल्टी करने का मन करता है

