मुंबई:90 अपराधों में वांछित कुख्यात लुटेरे फैय्याज खालिद शेख को उसके साथी हाजी पीर महम्मद शेख उर्फ़ सलीम के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। फैय्याज और सलीम को शनिवार को रायगड जिले के खालापुर तालुका स्थित नढाल गांव से बेहद खतरनाक व नाटकीय स्थिति में गिरफ्तार किया गया। फैय्याज पर चेन की झपटमारी करने, चोरी करने, सरकारी कर्मचारियों (पुलिस) पर हमला, अवैध पिस्तौल और अन्य हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप हैं। अनेक अपराधों में वांछित फैय्याज लगातार पुलिस की आंखों में धूल झोंकते हुए फरार था।
उस पर महाराष्ट्र केमुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, रत्नागिरी, पालघर व विरार तथा गुजरात के वापी सहित अन्य शहरों में दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं। फैय्याज इतना खतरनाक अपराधी है कि घिर जाने अथवा पकड़े जाने की स्थिति में पुलिस पर भी जानलेवा हमला करने से नहीं हिचकता है। फैय्याज मूल रूप से खारघर उपनगर के ओवे गांव का निवासी है। उसके विरुद्ध दर्ज 90 मामलों में से 40 न्यायालय में चल रहे हैं। इनमें से कई मामले में वह वांछित है और फरार घोषित है।
पुलिस को फैय्याज के नढाल गांव में छिपे होने की जानकारी 20 अक्टूबर की भोर में मिली। पुलिस सीधे नढाल गांव पहुंची और सखाराम पवार के घर को घेर लिया। पुलिस द्वारा घेरे जाने की भनक मिलते ही फैय्याज और उसके साथी सलीम ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। फैय्याज शेख ने जिस पिस्टल से फायर किया वह कोलकाता से खरीदी गई थी। उसकी पिस्टल से 9 एमएम की गोली चलाई गई थी। पुलिस को पहले से ही फैय्याज द्वारा गोलीबारी करने का संदेह था।
इसलिए पुलिस के अधिकारी और जवानों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखे थे लेकिन फैय्याज व उसके साथी सलीम की गोलीबारी में सहायक पुलिस निरीक्षक प्रताप कदम, सहायक पुलिस निरीक्षक माने, पुलिस उपनिरीक्षक शिंदे व पुलिस उपनिरीक्षक सुरवसे घायल हो गए। जान बचाने के लिए पुलिस के दस्ते ने भी खुलकर फैय्याज व उसके साथी पर गोली चलाई। आत्मरक्षा में चलाई गई पुलिस की गोलीबारी में फैय्याज व उसका साथी सलीम घायल हो गए। फैय्याज को कमर के नीचे एक गोली और सलीम को चार गोलियां लगी हैं। घायल होने के बाद भी फैय्याज पास के जंगल में भाग गया। पुलिस भी उसके पीछे दौड़ी और करीब 2 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उसे दबोच लिया।
कार्रवाई में शामिल थे ये बहादुर पुलिस वाले
फैय्याज को पकड़ने के लिए की गई इस खतरनाक कार्रवाई में नवी मुंबई पुलिस के दस्ते में पुलिस निरीक्षक शिरीष पवार, विजय कादबाने संदीपन शिंदे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अजयकुमार लांडगे, प्रदीप तिदार, सहायक पुलिस निरीक्षक राहुल राख, विजय चव्हाण, निलेश माने, प्रताप कदम, पीएसआई विक्रांत धारकर, नितिन शिंदे, अनिल सुरवसे, योगेश वाघमारे, बिरप्पा लातुरे व अन्य अधिकारी तथा कर्मचारी शामिल थे।
90 केस में था वॉन्टेड, 2 KM दौड़ा पकड़ा

