नई दिल्ली:हाल ही में संपन्न हुई भारत बनाम वेस्ट इंडीज सीरीज में दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन के पहले सत्र के अलावा मेहमान टीम कोई भी चुनौती नहीं दे पाई। भारतीय खिलाड़ियों को इस सत्र के अलावा मेहमान टीम से कहीं कोई चैलेंज नहीं मिला। अंग्रेजी समाचारपत्र टाइम्स ऑफ इंडिया में लिखे अपने लेख में सुनील गावसकर ने लिखा कि वेस्ट इंडीज टीम यहां पूरी ताकत के साथ नहीं उतरी है और इस कारण से यह भारत के लिए एकतरफा सीरीज ही होगी।
वेस्ट इंडीज के पास यहां लिमिटेड ओवर क्रिकेट में अच्छा करने का मौका था। लेकिन एक बार फिर उनके बेस्ट प्लेयर्स इस दौरे पर नहीं हैं। विंडिज टीम के ज्यादातर टॉप खिलाड़ी या तो घर पर हैं या फिर दुनिया के कौने-कौने में खेली जाने वाली क्रिकेट लीग में व्यस्त हैं। यह ऐसा मसला है, जिसे वर्ल्ड क्रिकेट पर मिलकर खेल की बेहतरी के लिए कोई निर्णय करना चाहिए।
भारतीय टीम की बात की जाए, तो वह यहां अपनी विजयी लय को बहरकरार रखना चाहेगी। जैसे एक पुरानी कहावत है कि ‘प्रैक्टिस मेक्स मेन फरफैक्ट’ (निरंतर अभ्यास इंसान को परिपूर्ण बनाता है) यह सिर्फ व्यक्तिगत ही किसी पर लागू नहीं होती, बल्कि बतौर टीम भी लागू होती है। इससे एक टीम लगातार जीतने को अपनी आदत बना सकती है।
टीम इंडिया के लिए यह जरूरी है कि उसके बल्लेबाज उसे अच्छी शुरुआत दें। इसके बाद मिडल ओवर्स में भी वह लय बनी रहे और अंतिम 10 ओवर में टीम इंडिया बेहतर ढंग से फिनिश करे, ताकि वह हर मैच में एक बड़ा टोटल खड़ा कर सके। ऐसा ही बोलर्स को भी करना होगा उन्हें खेल की शुरुआत में ही विकेट लेने होंगे। मिडल ओवरों में रनों पर लगाम लगानी होगी और इसके बाद अंतिम ओवरों में उन्हें ज्यादा से ज्यादा डॉट बॉल और विकेट लेने पर फोकस करना होगा। वैसे दोनों टीमों की क्षमता का आकलन करें, तो यह एक और एकतरफा सीरीज ही होगी।
भारत बनाम वेस्ट इंडीज सीरीज एकतरफा होगी: गावसकर

