नई दिल्ली:कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को पूर्वी लद्दाख की गंगा घाटी में चीन के साथ सीमा गतिरोध पर सरकार से सवाल करने के लिए एक सेटेलाइट का उपयोग किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री का ट्वीट कांग्रेस द्वारा भारतीय क्षेत्र में कथित चीनी घुसपैठ को लेकर केंद्र से पारदर्शिता की मांग करते हुए एक ऑनलाइन अभियान, #SpeakUpForOurJawans शुरू किए जाने के एक दिन बाद आया। कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी संतोष बाबू सहित 16 बिहार रेजिमेंट के बीस सैनिक 15 जून को लद्दाख के पैट्रोल पॉइंट 14 में चीनी सेना के साथ संघर्ष के दौरान शहीद हुए थे।
कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को उठाया और सीमा मुद्दे पर अपनी चुप्पी के लिए सरकार पर हमला किया। चिदंबरम ने शनिवार को सीमा का सेटेलाइट इमेज ट्वीट किया और लिखा “भारत-चीन सीमा पर 22 मई से 22 जून, 2020 के बीच अंतर देखें।” बता दें कि एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने भारत-चीन सीमा गतिरोध को लेकर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले किए थे और सरकार से कहा कि वह लोगों को चीनी सीमा से लगे क्षेत्रों को लेकर विश्वास में लें। पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं जैसे अहमद पटेल, गुलाम नबी आज़ाद, चिदंबरम के साथ-साथ सभी कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों, पार्टी के राज्य प्रमुखों और विधायक दल के नेताओं ने भी वीडियो जारी किए हैं।
Spot the differences between May 22 and June 22, 2020 on the INDIA-CHINA border. pic.twitter.com/nLZzc3fjuQ
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) June 27, 2020
बता दें कि बीते 15 जून की रात गलवान घाटी में चीनी और भारतीय सेना की झड़प में चीन के 40 से ज्यादा जवान या तो घायल हुए या मारे गए। वहीं भारत केे 20 जवान शहीद हुए। सैन्य सूत्रों ने जानकारी दी कि इससे पहले पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प वाले स्थान के पास भारत और चीन की सेनाओं के डिविजनल कमांडरों के बीच बैठक बेनतीजा रही। मेजर जनरल स्तरीय बातचीत में गलवान घाटी से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया को लागू करने पर चर्चा हुई । छह जून को दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता में इसी पर सहमति बनी थी।
इस घटना के बाद से भारत ने 3,488 किलोमीटर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अपने विशेष युद्ध बलों को तैनात किया है, जो कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के पश्चिमी, मध्य या पूर्वी सेक्टरों में किसी भी प्रकार के हमले से जूझ सकते हैं। शीर्ष सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की है कि भारतीय सेना को पीएलए द्वारा सीमा पार से किसी भी हरकत का आक्रामकता से एलएसी पर जवाब देने का निर्देश दिया है।

