मुंबई: बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता गोपीचंद पडलकर ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें ‘कोरोना’ कह डाला। गोपीचंद पडालकर ने कहा- ‘शरद पवार महाराष्ट्र के लिए कोरोना के वायरस के समान हैं, जो कभी भी धनगर समाज का कल्याण नहीं होने देंगे। उन्हें सिर्फ धनगर समाज के आरक्षण को लेकर सिर्फ राजनीति करनी है और कुछ नहीं।’
पवार समर्थकों ने जलाया पुतला
राष्ट्रवादी के सुप्रीमो शरद पवार और अपने नेता पर इस प्रकार की टिप्पणी से नाराज एनसीपी कार्यकर्ता ने राज्य में कई शहरों में भाजपा और एमएलए गोपीचंद पडालकर का पुतला जलाया है। एनसीपी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी भी दी कि अगर भाजपा की ओर से माफी नहीं मांगी गई तो यह प्रदर्शन और भी जगहों पर किए जाएंगे।
गोपीचंद पडालकर ने यह लगाया आरोप
भाजपा विधायक गोपीचंद पडालकर ने कहा- ‘भाजपा की सरकार ने 1000 करोड़ रुपए का अनुदान धनगर समाज के उत्थान के लिए दिया था। लेकिन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने शिवसेना के साथ मिलकर धोखे से सत्ता पर कब्जा कर लिया और इस वजह से यह अनुदान मिल नहीं सका और इसका कोई उपयोग समाज के लिए नहीं हो पाया। महाविकास आघाडी की सरकार आने के बाद भी इस बाबत कोई कदम नहीं उठाया गया।’
धनगर आरक्षण का मुद्दा अदालत में विचाराधीन
धनगर समाज के आरक्षण का मुद्दा अदालत में विचाराधीन है बावजूद इसके सरकार की तरफ से कोई भी मदद अदालत में धनगर समाज को नहीं मिल पा रही। इससे स्पष्ट होता है कि एमवीए के सर्वेसर्वा शरद पवार कोरी राजनीति धनगर समाज के आरक्षण पर करना चाहते हैं।
शिवसेना ने दी पडालकर को नसीहत
शिवसेना की नेता मनीषा काएंदे ने गोपीचंद पडालकर को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गोपीचंद अभी पहली बार ही विधायक बने हैं और उन्हें अच्छे कामों से लोकप्रियता हासिल करनी चाहिए ना कि चीप पब्लीसिटी स्टंट से सुर्खियों में बने रहने की कोशिश करनी चाहिए। उन्हें सामाजिक सरोकार से जुड़े काम करने चाहिए ताकि जनता उन्हें स्वीकार कर सके।

