मुंबई: शहर में कोरोना हॉटस्पॉट रहे धारावी, वरली कोलीवाडा और बीडीडी चाल जैसे इलाके में स्थिति नियंत्रण में आनी शुरू हुई थी कि पश्चिम उपनगर के मालाड इलाके में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 19 दिनों में दोगुनी हो गई। ऐसी स्थिति में यहां के स्थानीय व्यापारी मेहुल संघवी ने 130 फ्लैट वाली अपनी नव-निर्मित 19 मंजिला इमारत मुंबई मनपा को अस्थायी कोरोना अस्पताल और कोरोना सेंटर बनाने के लिए सौंप दिया है।
300 मरीजों का शुरू हुआ इलाज, एक प्लैट में 4 मरीजों का रखा जा रहा
मालाड इलाके के सहायक मनपा आयुक्त संजोग कबरे ने बताया कि श्रीजी शरण डेवलपर्स के मालिक मेहुल संघवी ने मनपा को जो 19 मंजिला इमारत सौंपी है। उसमें अब 500 मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। यहां के एक फ्लैट में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 4 मरीज को रखा गया है। उन्होंने कहा कि जब अस्पतालों में बेड्स की संख्या की कमी महसूस होने लगे तब इस तरह की सामाजिक पहल से कोरोना संक्रमित मरीजों की मदद करना सराहनीय है।
भाजपा सांसद की अनोखी मुहिम
पश्चिम उपनगर विशेषकर उत्तर मुंबई के अंतर्गत आने वाले मालाड, कांदिवली, बोरीवली और दहिसर इलाके में इन दिनों कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां के शताब्दी (कांदिवली) और ट्रामा (जोगेश्वरी) अस्पताल में पहले से ही बेड भरे होने की वजह से उत्तर मुंबई के सांसद गोपाल शेट्टी ने अपने संसदीय क्षेत्र में बिल्डरों को अपनी नयी बनी इमारतों को कोरोना सेंटर के लिए देने मुहिम छेड़ी हुई है। उनकी अपील पर ही मालाड के व्यापारी मेहुल संघवी ने अपनी 19 मंजिला इमारत मनपा को सौंपा है।
संघवी का कहना है कि मेरी बिल्डिंग को मनपा की ओसी मिल गई थी। पानी, बिजली सहित सभी सुविधाएं यहां उपलब्ध थीं। हम चाहते तो बिल्डिंग के फ्लैट जिन्हें बेचे गए हैं। उन्हें सौंप कर इस कोरोना महामारी के वक्त पैसे कमा सकते थे। परंतु हमने इस संकटकाल में मुनाफा कमाने के बदले कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज व उनकी जान बचाने को महत्व दिया। मनपा ने भी यहां फौरन सैकड़ों की संख्या में कोरोना मरीजों का इलाज शुरू कर हमारी उम्मीद पर खरा उतरने का काम किया है।

