बीजिंग:भारत चीन सीमा पर हिंसक झड़प को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय ने भारतीय सैनिकों पर सीमा के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चीनी सैनिकों पर हमले का आरोप लगाया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने मंगलवार को प्रेस कॉनफ्रेंस में कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधि बातचीत कर रहे हैं और विवाद को शांति से निपटाने की कोशिश की जा रही है।
भारत चीन सीमा पर हिंसक झड़प को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय ने भारतीय सैनिकों पर सीमा के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चीनी सैनिकों पर हमले का आरोप लगाया है। हालांकि, इसके इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधि बातचीत कर रहे हैं और विवाद को शांति से निपटाने की कोशिश की जा रही है।
चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय पक्ष के साथ हमने आपत्ति दर्ज कराई है और अपील की है कि सैनिकों को सीमा पार करने से रोका जाए। किसी एकतरफा कदम से सीमा पर स्थिति जटिल हो सकती है। चीन के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय और चीनी पक्ष बातचीत के जरिए मुद्दे को सुलझाने पर सहमत हैं। भारत और चीन के मेजर जनरल्स गलवान घाटी में स्थिति को संभालने में जुटे हुए हैं।
पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के गलवान घाटी में चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों के साथ सोमवार रात झड़प के दौरान एक अधिकारी सहित भारतीय सेना के तीन जवान शहीद हो गए हैं। कई चीनी सैनिक भी मारे गए हैं।
गलवान घाटी में स्टैंड-ऑफ पॉइंट पर झड़प के दौरान भारतीय सेना के कर्नल और दो जवान शहीद हो गए। भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि गलवान घाटी में सेनाओं के पीछे हटने की कवायद के दौरान सोमवार रात झड़प हुई और तीन जवाना शहीद हो गए। इसने आगे कहा, ‘भारतीय पक्ष की ओर से एक अधिकारी और दो जवान शहीद हुए हैं।’
सेना ने कहा कि तनावपूर्ण हालात काबू में करने के लिए दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी फिलहाल झड़प वाली जगह पर मीटिंग कर रहे हैं। भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने 13 जून को आश्वासन दिया था कि चीन के साथ लगी सीमाओं पर स्थिति नियंत्रण में है और सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

