लखनऊ:लॉकडाउन में भले ही दुनिया ठप हो गई हो लेकिन हो, जीवन के कई रंग उड़ गए हों लेकिन राजधानी लखनऊ का अटल बिहारी बाजपेयी इकाना अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम नई रंगत हासिल कर रहा है। मुख्य इकाना स्टेडियम तो पहले से ही अपनी खूबसूरती के लिए विख्यात है पर अब उसकी बी- ग्राउण्ड भी अपने अनूठेपन के लिए जाना जाएगा। इस बी-ग्राउण्ड पर एक-दो नहीं बल्कि 19 क्रिकेट की पिचें तैयार की जा रही हैं। संभवत: यह देश का पहला ऐसा मैदान होगा जहां एक शृंखला में 19 पिचें बनी होंगी।
बलांगीर और महाराष्ट्र की मिट्टी से बन रही हैं पिचें
बी-ग्राउण्ड पर लाल और काली मिट्टी कि पिचें तैयारी की जा रही हैं। यह मुख्य पिच से जुड़ी होंगी। दोनों छोरों पर लाल मिट्टी की पिचें होंगी। बीच में लाल और काली मिट्टी दोनों ही तरह की पिचें होंगी। ओडिशा के बलांगीर के तालों की मिट्टी पिचों के लिए बहुत मुफीद होती है। इकाना के मुख्य स्टेडियम की कुछ पिचें भी इसी मिट्टी से बनी हुई हैं। बीसीसीआई के पिच क्यूरेटर शिव कुमार ने बताया कि बलांगीर के तालाब के काली मिट्टी की पकड़ बहुत मजबूत होती है। नमी के साथ कायदे से अगर रोलिंग कर दी जाए तो सीमेंट की तरह हो जाती है। इस पिच पर बाउंस और अच्छा मिलता है। बल्लेबाजों को मदद करती है। गेंदबाज भी सफल होते हैं। लाल मिट्टी महाराष्ट्र से मंगाई गई है। लाल मिट्टी की पिचें भी खिलाड़ियों को मदद करती हैं।
इंग्लैण्ड के मैदानों की तरह होगी ट्रेनिंग
बी-ग्राउण्ड पर इतनी पिचें एक साथ हो जाने से प्रैक्टिस में मदद मिलेगी। कई बल्लेबाज एक साथ नेट कर सकेंगे। इंग्लैण्ड के मैदानों ऐसी ही सुविधा होती है। बल्लेबाजों को लाल औ काली मिट्टी की पिचों पर नेट करने को मिलेगा। इसके अलावा यहां मैच खेलने आने वाली टीमों को प्रैक्टिस के लिए उच्च स्तरीय पिचें मिलेंगी। अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली टीमें भी यहां नेट कर सकती हैं।
बी-मैदान पर भी हो चुके हैं अंतरराष्ट्रीय मैच
बी-ग्राउण्ड पर कई अंतरराष्ट्रीय मैच हो चुके हैं। इस मैदान पर भारत-ए, भारत-बी और बांग्लादेश के बीच त्रिकोणीय सीरीज हो चुकी है। अफगानिस्तान और भारत की अण्डर-19 टीमों के बीच पांच एक दिवसीय मैचों की शृंखला आयोजित हुई थी।
राहुल द्रविड़ कर चुके हैं मैदान की तारीफ
भारतीय क्रिकेट की दीवार कहे जाने वाली राहुल द्रविड़ इस मैदान पर कई बार आ चुके हैं। उन्होंने इस मैदान की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा था कि इस मैदान की पिचें किसी भी मामले में मुख्य स्टेडियम से कम नहीं हैं।

