मुंबई:शिवसेना ने कोरोना के चलते देशभर में लगे लॉकडाउन का अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर पर चिंता व्यक्त करते हुए शनिवार को कहा कि सभी राजनीतिक दलों को सांप्रदायिक राजनीति छोड़ कर अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने के लिए काम करना चाहिए। शिवसेना ने कहा कि कोविड-19 के प्रभाव पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की बीच हुई चर्चा से मालूम हुआ कि अर्थव्यवस्था के लिए कितना कठिन समय है। अमेरिका में, बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था है, जो भारत के पास नहीं है। राजन का अवलोकन है कि भारत में 10 करोड़ लोग बेरोजगार हो जाएंगे, जो चिंता का विषय है। शिवसेना ने कहा कि राहुल गांधी ने राजन के साथ बातचीत की थी। राजन ने कहा कि सरकार को कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण परेशानी का सामना कर रहे गरीब लोगों के लिए 65000 करोड़ रुपए खर्च करने की जरूरत है। पूरे देश को लॉकडाउन के आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। बता दें कि कोरोना के चलते देश लंबे समय से लॉकडाउन है। ऐसे में कई व्यापार से लेकर हर चीज अर्थव्यवस्था को बड़ी क्षति पहुंच रही है।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 130 जिलों को कोरोना वायरस (कोविड -19) के हॉट स्पॉट के रूप में सूचीबद्ध किया है, पहले से निर्धारित रेड जोन की तुलना में ये कम हैं। के रूप में – वे क्षेत्र जो बड़े पैमाने पर दर्शक के बाहर रहते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15 अप्रैल को कोविड -19 हॉटस्पॉट के रूप में वर्गीकृत 170 में से 92 जिलों को हटा दिया और सूची में 52 नए जिलों को शामिल किया। ऐसे में अब पूरे देश के 733 में से 130 ही रेड जोन में रह गए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार इन 130 जिलों में देश की एक तिहाई आबादी है और भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से ये भारत का पांचवा हिस्सा है।
कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी का प्रकोप निरंतर बढ़ता जा रहा है और इससे विश्वभर में अब तक 2,38,096 लोगों की मौत हो चुकी है तथा 33,38,788 लोग संक्रमित हुए हैं। भारत में भी कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस संक्रमण से अब तक 37336 लोग प्रभावित हुए हैं तथा 1218 लोगों की मौत हुई है। देश में अब तक 9951 लोग इसके संक्रमण से पूरी तरह ठीक भी हो चुके हैं।

