पंकज श्रीवास्तव/पटना। बिहार के राजनीति में कभी केंद्र बिंदु रहे और अब अपने राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे पप्पू यादव फिर से सक्रिय राजनीति में लोकप्रियता हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं लेकिन दिक्कत यह है कि वे अक्सर अपने कारनामों की वजह से ही फंस जाते हैं। इस बार भी यही हुआ है और फिर उनकी पोल खुल गई है। जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव जिन बसों से कोटा से छात्रों को बिहार लाने वाले थे उनमें से कुछ बसों का इंश्योरेंस ही एक्सपायर है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर ऐसा करके पप्पू यादव क्या कहना चाहते हैं।
बताते चलें कि बिहारी मजदूरों और छात्रों को वापस लाने के बहाने सियासी जंग अपने चरम पर है। नेताओं के नेकदिली का पोल भी खुलता जा रहा है। पप्पू यादव ने पिछले दिनों बेहद भावुक अंदाज में बिहार सरकार को कोसा और अपने खर्चे पर कोटा में फंसे तकरीबन 4500 छात्रों को वापस लाने के लिए 30 बस देने की घोषणा कर दी। उनके इस घोषणा के बाद पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने 2000 बसों से देश के भिन्न भिन्न हिस्सों में फंसे मजदूरों को वापस लाने की घोषणा कर दी। फिलहाल पप्पू यादव ने कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए 30 बस देने की घोषणा की थी। इतना ही नहीं उन्होंने अपने फेसबुक पर बकायदे 4 बसों की तस्वीर भी सांझा कर दी। अब उन बसों की हकीकत सामने आयी है। जिन चार बसों की तस्वीर पोस्ट की है,उनके नंबर हैं। आर.जे.20 पी.ए. 8877, आर.जे. 27 पी.ए. 1850, आर.जे. 20, पी.बी. 6177 और आर.जे.20 पी.ए. 6177। इन बसों में से आर.जे. 20 पी.ए. 6177 और आर.जे. 20 पी.बी. 6177 ब्लैक लिस्टेड हैं और इनका इंश्योरेंस भी फेल है। सवाल है क्या ब्लैक लिस्टेड और इंश्योरेंस फेल बसों को बिहार आने की अनुमति मिलेगी?
एक्सपायर इंश्योरेंस वाली बसों से कोटा के छात्रों व मजदूरों को घर लाने वाले थे पप्पू यादव

