मुंबई:पालघर में दो साधु समेत तीन लोगों की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के मामले में कासा पुलिस स्टेशन के 35 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया है। पालघर पुलिस के पीआरओ ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए यह जानकारी दी। बता दें कि महाराष्ट्र पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) ने पालघर में हुई घटना की जांच का जिम्मा संभाला है।
तीन लोगों- दो साधू और उनके ड्राइवर को उनकी गाड़ी से बाहर खींच लिया गया था और बच्चा चोर होने संदेह के आधार पर 200 लोगों की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना 16 अप्रैल को हुई जब वे लोग एक अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गुजरात के सूरत से मुंबई जा रहे थे। पालघर जिले के पास गांव में उनकी गाड़ी को रोक लिया गया।
पुलिस ने इस घटना पर बीते शुक्रवार को बताया था कि तीन दिन में यह दूसरी ऐसी घटना है। पुलिस के मुताबिक, भीड़ ने इको वैन में बैठे दोनों साधु और उनके ड्राइवर को चोर समझकर उनकी पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। कासा पुलिस थाने के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर आनंदराव काले ने कहा था कि वैन नासिक से आ रही थी जब गुस्साई भीड़ ने दधाडी-खानवेल रोड पर गधचिंचाले गांव के नजदीक रोका।
काले ने कहा कि भीड़ ने पहले वैन रोककर सवाल पूछे और उसके बाद खींचकर उनकी पिटाई शुरू कर दी। ड्राइवर ने किसी तरह पुलिस को कॉल किया और टीम मौके पर पहुंच गई। आनंद राव काले ने कहा था, ‘भीड़ में काफी संख्या लोग थे और हमने साधुओं और ड्राइवर को बचाने की कोशिश की लेकिन मॉब ने हम पर भी हमला किया और पत्थर फेंकने लगे। जिसका नतीजा ये हुआ कि तीनों ने पिटाई के चलते वहीं पर दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान सुशील गिरी महाराज (35), चिकने महाराज कल्पवरुक्षगिरी और ड्राईवर नीलेश तेलगाडे के तौर पर हुई है।’

