लखनऊ। कोरोना वायरस के चलते हुई बंदी के बीच उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिहाड़ी मजदूरों को महीने में एक हजार तथा बीपीएल परिवारों को मुफ्त में गेहूं-चावल देने का फैसला किया है। बताते चलें कि कोरोना वायरस के चलते देश में लगभग सबकुछ ठप पड़ गया है जिससे सबसे दिहाड़ी मजदूरों का रोजगार सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है, लिहाजा सरकार ने उन्हें 1000 रुपये देने का फैसला किया है। इसके अलावा योगी ने रविवार 22 मार्च जनता कर्फ्यू के दिन मेट्रो और बस को बंद रखने का भी आदेश दिया है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य में 15 लाख दिहाड़ी मजदूर पंजीकृत हैं, जिन्हें 1000 रुपये की मदद दी जाएगी। साथ ही चिह्न्ति 20.37 लाख मजदूरों (रिक्शा, खोमचे वालों, रेहड़ी वाले, फेरी वाले, निर्माण कार्य करने वाले) को भी 1000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके अलावा सभी पंजीकृत मजदूरों को भरण-पोषण भत्ता भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने मनरेगा मजदूरों को भी तुरंत भुगतान देने का एलान किया है। यह सहायता राशि सीधे अकाउंट में जाएगी।
ऐसे लोग जो सड़कों पर खोमचे लगाते हैं उन्हें खाद्यान उपलब्ध कराया जाएगा। 1.65 करोड़ परिवारों को अनाज उपलब्ध होगा। बीपीएल परिवारों को 20 किलो गेहूं, 15 किलो चावल को मुफ्त मिलेगा। पीडीएस दुकानों के जरिए अनाज देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अप्रैल-मई की पेंशन अप्रैल में ही दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपील की है, घबराएं नहीं। हमारे पास पर्याप्त खाद्यान है, लिहाजा व्यापारी जमाखोरी ना करें। किसी भी चीज की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। लोग अनावश्यक जमा करने की प्रवृत्ति से बचें।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान अनावश्यक तौर पर बाजार में ना जाएं। इस दौरान कल उत्तरप्रदेश में सभी मेट्रो सेवाएं बंद रहेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य में कुल 23 लोग कोरोनो वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से नौ लोग इसके संक्रमण से उबर गए हैं। हमारे पास राज्य में पर्याप्त संख्या में आइसोलेशन वार्ड हैं। हम धीरे-धीरे इसकी संख्या भी बढ़ा रहे हैं।
कोरोना संकटः दिहाड़ी मजदूरों को 1 हजार और BPL परिवारों को गेहूं-चावल देगी यूपी की योगी सरकार

