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लगभग 10.8 किमी विहार कर शांतिदूत पधारे बोरगांव, ग्रामवासियों ने भी किया अहिंसा यात्रा का स्वागत

Last updated: March 12, 2020 1:09 pm
Surabhi Saloni
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3 Min Read
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संयम से बढ़े सुख की ओर : आचार्य महाश्रमण
11-03-2020, बुधवार, बोरगांव, सांगली, महाराष्ट्र। तीर्थंकर प्रभु महावीर के प्रतिनिधि तेरापंथ के ग्यारहवें अनुशास्ता पूज्य आचार्यश्री महाश्रणजी ने आज प्रातः मणेराजुरी गांव से मंगल विहार किया। मुख्य राजमार्ग से इतर अंदर के सडकमार्ग में पधारते हुए गुरुदेव आरोह-अवरोह भरे व धुमावधार मार्ग पर अविरल रूप से गतिमान थे। तेज धूप का ताप भी पूज्यप्रवर के समत्व के समक्ष मानों नतमस्तक हो रहा था। एक स्थान पर योगीवाड़ी के पूर्व सरपंच रिटार्यड केप्टन सूर्यवंशी ने अहिंसा यात्रा प्रणेता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
लगभग 10.8 कि.मी. का विहार कर ज्योतिचरण श्री महाश्रमण बोरगांव स्थित जाॅली बोर्ड लिमिटेड के नवनिर्मित भवन में पधारे।। अपने गांव में अहिंसा यात्रा के आगमन पर ग्रामवासियों ने भी शांतिदूत का भावभीना अभिनन्दन किया। प्रवचन सभा में पावन उदबोधन प्रदान करते हुए पूज्य आचार्यश्री महाश्रमण ने कहा-हमारे इस संसार में दुःख बहुत है। सुख मिलता है परन्तु दुःख की बहुलता है कह सकते है। जन्म-मृत्यु दुःख है, बुढ़ापा, बिमारी आदि इस दुनिया में मुख्य दुःख है। व्यक्ति सोचे कि मैं दुःख मुक्त कैसे बनु। इस जीवन के बाद भी आत्मा रहती है। शरीर नष्ट हो जाता है, परन्तु आत्मा मृत्यु के बाद भी रहती है।
आचार्यश्री ने आगे कहा कि मनुष्य मरकर देवगति, नरकगति, तीर्यंचगति में जा सकता है। पुनः मनुष्य भी बन सकता है। जब जन्म-मरण का चक्र समाप्त हो जाता है तो आत्मा सुखमय बन जाती है। सब साधु तो नहीं बन सकते। गृहस्थ रहकर भी जीवन में अणुव्रत अपनाए, छोटे-छोटे व्रत जीवन में हो तो व्यक्ति सुख की ओर बढ सकता है। किसी के प्रति वैर नहीं, प्राणी मात्र के प्रति मैत्री का भाव भीतर में रहे। सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति के द्वारा संयम की साधना कर दुःख मुक्ति की ओर आगे बढ सकते है। व्यक्ति सन्मार्ग पर चलने का प्रयास करे।
तत्पश्चात् पूज्यप्रवर ने गांव के सरपंच सहित अन्य ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को अहिंसा यात्रा की संकल्पत्रयी स्वीकार करवाकर जीवन अच्छा बनाने की प्रेरणा प्रदान की। अभिनन्दन के क्रम में अंबिका शिक्षण संस्था अध्यक्ष बाला साहेब गुरव , बोरगांव ग्राम पंचायत से वैभव पाटिल, जाॅली बोर्ड के मैनेजर महेश शिंदे, सरपंच सहदेव परिठ, धनपाल पाटिल आदि ने शांतिदूत का स्वागत किया।

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