नई दिल्ली:मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर मंडराते संकट के बादल के बीच कांग्रेस ने दावा किया है कि चार विधायक वापस लौट आए हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार को कहा, ‘कुल आठ विधायकों में से चार विधायक आ गए हैं।’ इसके अलावा दिग्विजय सिंह ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि सरकार के लिए कोई खतरा नहीं है।’ कांग्रेस के एक अन्य नेता ने कहा कि भाजपा मध्य प्रदेश में कनार्टक जैसा ‘ऑपरेशन कमल’ चला रही है और हमें साथ में रहना होगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों को बताया कि बंधक बनाए गए विधायकों में कांग्रेस के बिसाहू लाल सिंह और हरदीप सिंह डूंग थे। बीएसपी की विधायक रमा बाई और निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा शामिल थे। एक अन्य कांग्रेसी नेता के अनुसार, बसपा के दूसरे विधायक संजीव कुशवाहा, कांग्रेस के एक विधायक आइंदल सिंह कंसाना और सपा के विधायक राजेश शुक्ला अज्ञात जगह पर बीजेपी नेताओं के साथ थे।
इससे पहले कांग्रेस ने बीजेपी पर आठ विधायकों को हरियाणा के होटल में बंधक बनाने का आरोप लगाया था। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री जीतू पटवारी ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और रामपाल सिंह सहित अन्य बीजेपी नेता साजिश के तहत हरियाणा के एक होटल में आठ विधायकों को जबरन ले गए।
वहीं, कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी ने साफ किया है कि मध्यप्रदेश में कमजोर बहुमत पर खड़ी मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का वह कोई प्रयास नहीं कर रही है बल्कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने ही अंतर्कलह से ग्रसित है।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने बुधवार सुबह प्रदेश भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘ मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अपने अंतर्विरोधों, अंतर्कलह से ग्रसित है। आप लोग देख रहे होंगे कि किस प्रकार से सरकार में उनके अपने अंदर विद्रोह हैं। भारतीय जनता पार्टी का इस पूरे प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है, ना ही भाजपा के इस तरह के कोई प्रयास हैं।’
सोमवार को दिग्विजय सिंह ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया था कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार गिराने के लिए भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस के विधायकों को बड़ी धनराशि की पेशकश की गई है।
कांग्रेस का दावा- लौट आए 4 विधायक, दिग्विजय बोले- कमलनाथ सरकार पर कोई खतरा नहीं

