नई दिल्ली:भारत ने एक बार फिर स्पष्ट शब्दों में कहा कि कश्मीर मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की कोई जरूरत नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने रविवार (16 फरवरी) को कहा कि कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। रवीश का यह बयान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस द्वारा कश्मीर पर दिए गए बयान के बाद आया है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस चार दिन के पाकिस्तान दौरे पर है। पाक विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद गुतारेस ने कश्मीर मुद्दे का ज्रिक करते हुए कहा कि कूटनीति और बातचीत एकमात्र उपकरण हैं, जो संयुक्त राष्ट्र के नियम और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार शांति और स्थिरता की गारंटी देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत-पाकिस्तान मध्यस्थता के लिए सहमत हैं तो मैं मदद के लिए तैयार हूं।
गुतारेस के इस बयान के बाद भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत की स्थिति नहीं बदली है। जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग रहा है और रहेगा। जिस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है, वह यह है कि पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से और जबरन कब्जा किए गए क्षेत्रों को आजाद करना। तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के लिए कोई भूमिका या गुंजाइश नहीं है।
रवीश कुमार ने कहा, “हमें उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को खत्म करने के लिए विश्वसनीय, निरंतर और अपरिवर्तनीय कार्रवाई करने पर जोर देंगे।”
कश्मीर पर UN महासचिव ने पाकिस्तान में दिया बयान, भारत का दो टूक जवाब- तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं

