नई दिल्ली:राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए अब दविंदर सिंह के साथ पकड़े गए हिजबुल आतंकी नवीद बाबू से पुलवामा अटैक का सुराग खंगालने की कोशिश करेगी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर नवीद बाबू से आतंकवादी और उसके समर्थकों के बारे में पूछताछ करने की योजना बनाई है। माना जा रहा है कि नवीद ने कथित तौर पर 2019 के पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड मुदस्सिर खान की मदद की होगी। बुधवार को दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
आतंकी नवीद बाबू को 11 जनवरी को जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारी दविंदर सिंह और दो अन्य के साथ गिरफ्तार किया गया था। आतंकी नवीद, बर्खास्त किए गए दविंदर सिंह के साथ गाड़ी में जम्मू की ओर जा रहा था, तभी पुलिस ने उन सबको पकड़ लिया। अब इस केस की जांच एनआईए कर रही है। नवीद के भाई इरफान शाह को भी हफ्ते भर बाद गिरफ्तार कर लिया गया और उसे एनआईए को सौंप दिया गया।
मुदस्सिर खान आतंकी संगठन जैश-ए- मोहम्मद का कमांडर था, जिसे पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। फरवरी 2019 में पुलवामा टेरर अटैक के तीन सप्ताह बाद मुदस्सिर खान, सज्जाद भट्ट के साथ मारा गया था। पुलवामा हमले में सज्जाद के कार का इस्तेमाल हुआ था। इस पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद ही भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बने।
अधिकारियों ने कहा कि पुलवामा हमले में शामिल प्रमुख साजिशकर्ताओं की हत्याओं के कारण एनआईए इस मामले में पूरी तरह से जुड़ नहीं पाई है। हालांकि, एजेंसी ने महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट, खुफिया मूल्यांकन और हमले से संबंधित कई जेएम ऑपरेटिवों के साक्ष्य (गवाही) वएकत्र की है।
एक अधिकारी ने कहा ‘हम आतंकी नवीद बाबू से पुलवामा हमले में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेंगे। हमारा मानना है कि इस इलाके में एक सीनियर कमांडर होने के नाते वह लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए- मोहम्मद और अन्य आतंकी संगठनों के अधिकांश गुर्गों को जानता है। आमतौर पर कश्मीर घाटी में स्थित आतंकी संगठन एक साथ काम करते हैं और एक-दूसरे की मदद लेते हैं। वास्तव में जैश, लश्कर और हिजबुल ने अपनी कार्य योजना के बारे में निर्णय लेने के लिए बैठकें भी की हैं।’
अधिकारी ने कहा कि आतंकी बाबू को पुलवामा मामले को सुलझाने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है क्योंकि उस पर 2017 के बाद से कई आतंकवादियों की भर्ती का आरोप है। एनआईए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलवामा हमले की जांच से दविंदर सिंह का कोई लेना-देना नहीं है। अधिकारियों का मानना है कि आतंकी नवीद बाबू और उसके भाई से पुलवामा अटैक के संबंध में कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
एजेंसी ने सितंबर में कथित जैश सदस्यों मुदस्सिर खान, सज्जाद अहमद खान, तनवीर अहमद गनी, बिलाल अहमद मीर और मुज़फ़्फ़र अहमद भट के ख़िलाफ़ दिल्ली में हमलों को अंजाम देने की कथित योजना से जुड़े एक अलग मामले में चार्जशीट फाइल की थी। अधिकारी ने कहा कि पुलवामा हमले के बारे में इन जैश के आतंकियों से पूछताछ से बहुत कुछ पता नहीं चल पाआ। अब हमें पुलवामा हमले पर आतंकी बाबू और उसके भाई दोनों से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

