मुंबई: बुधवार को महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि मराठी राज्य की भाषा है और सभी को इसे सीखना चाहिए। यदि सभी स्कूलों (कक्षा 1 से 10) में मराठी भाषा को अनिवार्य बनाने के लिए एक कानून पारित किया जाता है, तो हर कोई इसे सीख लेगा। बता दें कि इससे पहले उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी मराठी भाषा को अनिवार्य करने की वकालत कर चुके हैं।
सरकार लाने जा रही है विधेयक
इससे पहले मंगलवार को उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा था कि राज्य सरकार अगले विधानसभा सत्र में एक विधेयक लाएगी जिसमें राज्य के सभी स्कूलों में मराठी भाषा की पढ़ाई अनिवार्य होगी, चाहे वे किसी भी माध्यम के हों। शिवसेना नेता देसाई ने कहा कि इस संबंध में विधेयक का मसौदा तैयार किया जा रहा है।
विधानसभा का अगला सत्र फरवरी में होगा। देसाई ने कहा, ‘राज्य में अंग्रेजी माध्यम के 25 हजार स्कूल हैं और उनकी संख्या बढ़ रही है। इन स्कूलों में मराठी नहीं पढ़ाई जाती या उसे वैकल्पिक विषय के रूप में रखा जाता है। ऐसे सभी स्कूलों में मराठी भाषा की पढ़ाई अनिवार्य होगी।’

