नई दिल्ली: जगत प्रकाश नड्डा (59) आम सहमति से भाजपा के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के तहत सोमवार को पार्टी मुख्यालय में इस पद के लिए नामांकन दाखिल किया। कोई उम्मीदवार नहीं आने पर उन्हें अध्यक्ष बनाया गया। वे अमित शाह के बाद दूसरे ऐसे नेता हैं, जिन्हें उत्तर प्रदेश में सफलता के बाद पार्टी की कमान सौंपी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी मुख्यालय में उनका स्वागत करेंगे, वे यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित भी करेंगे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी समेत समस्त भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री, राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष जेपी नड्डा के नाम का प्रस्ताव रखा। उन्हें मोदी और अमित शाह के अलावा संघ का करीबी माना जाता है। शाह के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद नड्डा को 19 जून 2019 काे कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सचिव और उपाध्यक्ष के पदों पर भी बदलाव होगा
भाजपा ने सभी प्रदेश अध्यक्षों, संगठन महामंत्रियों और राज्यों में कोर ग्रुप सदस्यों को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय बुलाया है। वहीं, पिछले कुछ दिनों में भाजपा के संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रियाओं से जुड़े कार्यों में तेजी आई। चुनाव प्रभारी राधामोहन सिंह के मुताबिक, नया अध्यक्ष मिलने के बाद पार्टी में सचिव और उपाध्यक्ष के पदों पर भी बदलाव होगा। हालांकि, महासचिव स्तर पर बदलाव की संभावना कम है।
हिमाचल से राज्यसभा सांसद हैं नड्डा
जेपी नड्डा 2012 से हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। वे भाजपा के संसदीय बोर्ड के सचिव भी हैं। वे मोदी सरकार-1 में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी थी। वहां भाजपा ने 80 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जून 2019 में नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।
पटना से ग्रेजुएशन, हिमाचल में विधायक बने
उनके पिता रांची यूनिवर्सिटी के कुलपति और पटना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर थे। 1975 में जेपी आंदोलन में भाग लेने के बाद नड्डा बिहार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में शामिल हुए। 1977 में छात्र संघ के सचिव बने। पटना से ग्रेजुएशन के बाद हिमाचल प्रदेश से एलएलबी की। 1983 में हिमाचल यूनिवर्सिटी में छात्र संघ अध्यक्ष चुने गए। 1993 में हिमाचल विधानसभा चुनाव लड़ा और भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए। 2009 में राज्य सरकार से मंत्री पद छोड़कर वह दिल्ली आ गए।

