भुवनेश्वर: चक्रवात बुलबुल के ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों से शनिवार सुबह टकराने की आशंका है। इसे देखते हुए ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को आठ जिलों के स्कूल कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी। अन्य नौ जिलों में राष्ट्रीय और राज्य आपदा कार्रवाई बल की टीमों को मुस्तैद रखा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार च्रकवात के प्रभाव से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई तटवर्ती स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक तूफान टकराने के बाद हवा की गति 140 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने का अनुमान है। गुरुवार को ‘बुलबुल’ के प्रभाव क्षेत्र में हवा की रफ्तार 70 से 80 किमी प्रतिघंटे दर्ज की गई, जबकि केंद्र में इसकी गति 90 किमी प्रति घंटे है।
बंगाल में एनडीआरएफ की 14 टीमें तैनात
प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पीके मिश्रा ने शुक्रवार को ओडिशा, बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के मुख्य सचिवों के साथ बैठक की। इसमें प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। चक्रवात को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं उतरने की चेतावनी दी गई है। बंगाल में एनडीआरएफ की 14 टीमों को तैनात कर दिया गया है और अतिरिक्त टीमें रवाना कर दी गई है। कोस्ट गार्ड, नौसेना और वायु सेना भी इस आपदा से निपटने के लिए तैयार है।
एनडीआरएफ ने चार टीमों को तैनात किया
एनडीआरएफ के अनुसार काकद्वीप,नामखाना, दिघा, संदेशखली, हावड़ा और हुगली में एक-एक टीमें तैनात की गई हैं। सागर द्वीप पर एनडीआरएफ ने चार टीमों को तैनात किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, सागर द्वीप से टकराने के बाद चक्रवात बुलबुल सुंदरबन की ओर मुड़ जाएगा।

