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कमल हासन ने कहा- भाषाओं के परिवार में हिंदी डायपर पहनने वाले बच्चे की तरह

Last updated: October 4, 2019 9:31 am
Surabhi Saloni
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2 Min Read
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चेन्नई: मक्कल नीधि मय्यम (एमएनएम) नेता कमल हासन ने गुरुवार को कहा कि भारत में भाषाओं के परिवार में हिंदी सबसे छोटी भाषा है। तमिल, संस्कृत और तेलुगु की तुलना में यह डायपर पहनने वाले बच्चे की तरह है। इसका बच्चे की तरह की ख्याल रखा जाना चाहिए, न कि इसे गले में डाल लेना चाहिए।

इससे पहले हासन ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि भाषा को लेकर एक और आंदोलन होगा, जो तमिलनाडु में जल्लीकट्टू विरोध प्रदर्शन की तुलना में बहुत बड़ा होगा। हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन तमिल हमेशा हमारी मातृभाषा रहेगी। 1950 में देशवासियों से वादा किया गया था कि उनकी भाषा और संस्कृति की रक्षा की जाएगी। कोई शाह, सम्राट या सुल्तान इस वादे को अचानक से खत्म नहीं कर सकता।

‘लोग अपनी भाषा और संस्कृति को नहीं छोड़ना चाहते’

हासन ने कहा कि बहुत सारे राजाओं ने भारत को संघ बनाने के लिए अपना राजपाठ छोड़ दिया। लेकिन लोग अपनी भाषा, संस्कृति और पहचान को छोड़ना नहीं चाहते। भारत या तमिलनाडु को इस तरह की लड़ाई की जरूरत नहीं है। देश के सभी लोग खुशी से बंगाली में अपने राष्ट्रगान को गर्व से गाते हैं और आगे भी ऐसा ही करते रहेंगे। क्योंकि, राष्ट्रगान लिखने वाले कवि ने राष्ट्रगान के भीतर सभी भाषाओं और संस्कृतियों को उचित सम्मान दिया है, इसलिए यह हमारा राष्ट्रगान बन गया है। ऐसी नीतियों की वजह से सभी को नुकसान होगा। वीडियो के अंत में उन्होंने कहा था कि तमिल को हमेशा जिंदा रहने दो, देश को समृद्ध बनाओ।

शाह ने एक राष्ट्र-एक भाषा के फॉर्मूला का समर्थन किया था

गृह मंत्री अमित शाह ने 14 सितंबर को हिंदी दिवस के कार्यक्रम में एक राष्ट्र-एक भाषा के फॉर्मूला का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि जरूरत है कि देश की एक भाषा हो, जिसके कारण विदेशी भाषाओं को जगह न मिले। इसी को याद रखते हुए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने राजभाषा की कल्पना की थी और इसके लिए हिंदी को स्वीकार किया।

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