चलथान। प्रातः प्रार्थना के बाद ठीक 9 बजे प्रातःकालीन प्रवचन कार्यक्रम प्रारम्भ किया। त्रिपदी वन्दना के साथ अभिनव सामयिक का क्रम शुरू हुआ। उपासिका मंजू जी ने जप व ध्यान के बाद स्वाध्याय के क्रम में सामायिक दिवस पर अपना वक्तव्य दिया।
उपासिका चंदा जी ने भगवन महावीर के तीसरे भव पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। दोनों उपासकों की प्रस्तुति अच्छी थी। लगभग 9.40 पर मैंने अपने वक्तव्य की शुरुआत की उवसग्गर स्तोत्र का अर्थ समझाया एवं तेरापंथ की मौलिक मर्यादा की जानकारी दी अंत में तपस्या के प्रत्याख्यान करवाएं उपवास, बेले, तेले के अलावा एकाशन एवं आयम्बिल के भी प्रत्याख्यान करवाए गए। लगभग 100 व्यक्तियों की उपस्थिति थी। सामयिक की पचरंगी में लगभग 60 नाम आए। अंत में कुछ प्रश्न भी पूछे गए। एक वर्ष के लिए सामायिक के संकल्पों की पुष्टि भी हो सकी।
2 से 3.30 तक तत्त्वज्ञान की क्लास चंदा जी ने संभाली
तत्त्व ज्ञान की क्लास में 1-8 बोल तक विस्तार से व्याख्या की गई। 8 वे भाग के एग्जाम देने वालो को श्रमण महावीर समझाया
6:45 पर प्रतिक्रमण प्रारम्भ हुआ। आज 90-100 की उपस्थिति थी। प्रतिक्रमण के बाद 6 मिनट के विशेष सत्र में प्रतिक्रमण की पाटियों का भावार्थ व विधि समझाई गई।
8.45 बजे अर्हत वन्दना एवं उसके पश्चात *गीत गाओ घर बनाओ* भिक्षु भक्ति का आयोजन किया जो अति रोचक रहा लगभग 11 बजे रात्रि तक कार्यक्रम चला।
पर्युषण का तीसरा दिवस: चलाथन में अभिनव सामयिक

