घर में हुई छापमेरी में बरामद हुए हैं एके-47, हैंड ग्रेनेड
पंकज श्रीवास्तव/पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कभी खास रहे बाहुबली विधायक अनंत सिंह आज पूरी तरह कानूनी शिकंजे में कसे नजर आ रहें हैं। पिछले 2 दिनों से उनके पैतृक गाँव लदमा में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में छापेमारी चल रही थी। इस छापेमारी में एके 47, हैंड ग्रेनेड और कारतूस बरामद हुई है। इधर पटना अपने आवास पर बैठकर अनंत सिंह लगातार इस पुलिसिया कारवाई का पत्रकारों के सामने विरोध करते रहे। जब ये सूचना वायरल हुई कि उनके घर से असलहे की बरामदगी हुई है वो अचानक गायब हो गये। अब पत्रकारों को एक वीडियो भेजकर उन्होंने स्पष्ट किया है कि वो भागे नहीं बीमार मित्र को देखने आये हैं। 3-4 दिनों के अंदर वो सरेंडर करेंगे। इसके पूर्व को प्रेस वार्ता करेंगे।
बताते चलें अनंत सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी समझे जाते थे। उनकी एक तस्वीर आज भी उनके विरोधियों के लिए बडा हथियार है जिसमें नीतीश कुमार अनंत सिंह के आगे हाथ जोड़े खडे हैं। बिहार की राजनीति को बेहद नजदीक से समझने वाले इस बात को अदावत का नतीजा समझते हैं। बताते चलें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी ललन सिंह इनकी अदावत चल रही है। दरअसल पिछले लोकसभा चुनाव में जदयू ने जिस लोकसभा चुनाव क्षेत्र ललन सिंह को टिकट दिया उसी सीट से अनंत ने कांग्रेस के टिकट पर अपनी पत्नी को खड़ा करा दिया था। यहाँ इस बात का उल्लेख जरुरी है कि ललन सिंह की राजनीत में अनंत सिंह को क्राइम टूल जैसे थे। वक्त के साथ क्राइम टूल खुद राजनीति में आ गया लेकिन पिछले चुनाव में महत्वकांक्षा की लड़ाई पूरी तरह सतह पर आ गयी।
एके 47 व 36 हैंड ग्रेनेड कैसे अनंत सिंह तक पहुंचे इस बिना पर नये कानून(यूएपीए) के तहत उन्हें आतंकवादी घोषित कर दिया गया है। एनआईए ही नहीं, अन्य जांच एजेंसियों के भी रडार पर अनंत हैं। यूएपीए की धारा लगने के बाद से ही उनकी गतिविधियों की जांच शुरू हो गई है। अनंत सिंह के खिलाफ पटना के बाढ़ थाना में आर्म्स एक्ट, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूपीए) और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या है यूएपीए कानून
यूएपीए बिल को मंजूरी मिलने के बाद आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले, उनकी मदद करने वाले, उन्हें पैसे मुहैया कराने वाले और उनका प्रचार करने वालों के खिलाफ सख्त प्रावधान किए गए हैं। आतंकी गतिविधियों में शामिल व्यक्ति विशेष को भी आतंकवादी करार देने और उस पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित विधेयक पारित किया गया है। विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण संशोधन (यूएपीए) विधेयक- 2019 को आतंकवाद-निरोधी विधेयक के रूप में जाना जा रहा है।
पुलिस ने कर ली है पूरी तैयारी
सूत्रों की मानें तो पुलिस ने अनंत सिंह की गिरफ्तारी को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। शनिवार को पुलिस को पूरी तरह से सक्रिय करके रखा गया था। निर्णय होने के बाद उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पूरी फौज तैयार कर ली गई थी। पुलिस अब आदेश के इंतजार में थी। सूत्रों की मानें तो 24 से 36 घंटे में अनंत सिंह की गिरफ्तारी हो सकती है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस को बड़ा खुलासा कर सकती है।
पुलिस ने की पूछताछ
विधायक अनंत सिंह के घर की देखरेख करने वाले सुनील राम से पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया है। बाढ़ के नदवां गांव में अनंत सिंह के घर पर छापेमारी के दौरान ही उसे हिरासत में ले लिया गया था। पुलिस का कहना है कि बरामद हथियार और हैंड ग्रेनेड में अनंत सिंह के साथ सुनील भी नामजद है। पुलिस ने गांव वालों से भी पूछताछ की है। ग्रामीण एसपी के अनुसार पूछताछ में पता चला है कि अनंत सिंह बीच-बीच में अपने घर आते थे।
जांच में खुलेगा राज
एके 47 और हैंड ग्रेनेड की बरामदगी के बाद पुलिस भी पूरी तरह से सक्रिय है। बाढ़ से लेकर पटना तक अनंत सिंह पर पूरी तरह से खुफिया नजर रखी जा रही है। सूत्रों की मानें तो एके 47 और हैंड ग्रेनेड से जुड़े खुलासे के बाद इस मामले में एनआईए की भी कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि एनआईए की जांच में मामला आतंवाद से जुड़ सकता है। हालांकि पुलिस ने जो धारा लगाई है यह साधारण नहीं है। जांच चल रही है। पटना पुलिस केंद्रीय जांच एजेंसियों के भी संपर्क में है। एके-47 कहां की है इसकी भी जांच चल रही है। जहां से एके-47 हथियारों की चोरी हुई है, वहां पटना पुलिस बात करने में जुटी है।

