मैनचेस्टर:आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर 240 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम का सबसे बड़ा डर सही साबित हो गया। पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन करने वाला टीम इंडिया का शीर्ष क्रम जब लड़खड़ाया तो भारत को मैच गंवाकर ही उसकी कीमत चुकानी पड़ी। भारत ने 5 रन पर रोहित, राहुल और विराट को विकेट गंवा दिया। इसके बाद 24 के स्कोर पर कार्तिक, 71 के स्कोर पर पंत और 92 के स्कोर पर पांड्या पवेलियन लौट गए।
‘टीम मैनेजमेंट ने कर दिया ब्लंडर’
यहां से पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने रवींद्र जडेजा के साथ मिलकर भारतीय पारी को संभालने की भरपूर कोशिश की लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। जडेजा ने शानदार 77 और धौनी ने 50 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाने की बहुत कोशिश की लेकिन इस साझेदारी को अंत तक नहीं ले जा सके। बोल्ट ने जडेजा और गप्टिल ने धौनी को आउट कर मैच भारत से दूर कर दिया। मैच समाप्त होने के बाद कप्तान विराट कोहली ने बताया कि खराब शुरुआत के बाद आखिरी ओवरों में बड़े शॉट्स की जरूरत को देखते हुए धौनी को नंबर 7 पर बल्लेबाजी के लिए कहा गया था।
‘धौनी को नीचे भेजना बड़ी गलती’
पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने टीम मैनेजमेंट के धौनी को नंबर 7 पर भेजने के फैसले की जमकर आलोचना की है। एक न्यूज पोर्टल के लिए गांगुली ने लिखा, ‘नॉकआउट तो नॉकआउट ही होता है। समीकरण बदले हुए होते हैं, दबाव अलग तरह का होता है और लीग चरण में आपने कैसा किया इसका यहां कोई मतलब नहीं रह जाता। मैनचेस्टर में सेमीफाइनल के बाद भारत से अच्छा इस बात को कौन जान सकता है। पूरे विश्व कप के दौरान या उससे पहले भी भारतीय क्रिकेट फैंस का सबसे बड़ा डर यही था कि अगर रोहित, विराट असफल रहते हैं तो कौन संभालेगा? खासकर शिखर धवन के चोटिल होने के बाद तो और।’
‘सेमीफाइनल में डर सच साबित हुआ’
गांगुली ने आगे लिखा, ‘सेमीफाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले में यह डर सच साबित हो गया। स्कोरबोर्ड पर 5 रन के बदले 3 विकेट गंवाकर भारतीय टीम के लिए मैच में वापसी करना मुश्किल हो गया। ग्रुप स्टेज में अव्वल रहने वाली टीम इंडिया ने सेमीफाइनल मुकाबले में कुछ अचंभित करने वाले निर्णय लिए। शीर्ष तीन विकेट जल्दी गंवा देने के बाद धौनी को 7वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजना तो बहुत बड़ी गलती थी। भारत को संयम बरतने की जरूरत थी और युवा ऋषभ पंत को अगर कोई सही तरीके से खिला सकता था तो वह धौनी थे। भारतीय पारी को संभालने और पुन: खड़ा करने के लिए युवा पंत के साथ शांत धौनी की जरूरत थी। धौनी को 7वें नंबर पर भेजना ही मैच की सबसे बड़ी गलती थी।’
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