संयुक्त राष्ट्र:धर्म स्थलों, अल्पसंख्यकों और शरणार्थियों पर पूरी दुनिया में हो रहे हमले और असहिष्णुता पर चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि सभी को अशोक महान के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र उप महासचिव अमीना मोहम्मद ने कहा कि विविधता और समावेश के महत्व को समझने के लिए भारतीय सम्राट अशोक के संदेश उल्लेखनीय हैं।
उन्होंने 11 जून को लिस्बन में ग्लोबल सेंटर फॉर प्लुरलिज्म में दिए संबोधन में कहा कि दो सहस्राब्दियां पहले भारतीय सम्राट अशोक महान ने सभी धर्मों के लोगों के बीच सौहार्दपूर्ण रिश्तों व एक दूसरे के धर्मग्रंथों के प्रति सम्मान रखने का संदेश दिया था। अशोक महान के नाम से प्रसिद्ध सम्राट अशोक मौर्य वंश के शासक थे, जिन्होंने 268 ईसापूर्व से 232 ईसापूर्व तक लगभग पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन किया था।
हर देश को अपनी प्रार्थमिकताएं तय करनी होंगी
अमीना ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया में बहुलवाद के वचन को पूरा करने के लिए लंबा रास्ता तय करना है। उन्होंने कहा कि हमें फिर से अपनी प्राथमिकताओं को तय करना होगा। उसके आधार पर आर्थिक, राजनीतिक व सामाजिक प्रणालियों को पुनर्गठित करने की बहुत जरुरत है।
उन्होंने न्यूजीलैंड में मस्जिदों पर श्रीलंका में गिरजाघरों पर और अमेरिका में यहूदी प्रार्थनास्थलों पर हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उपासना की जगहों पर बढ़ते हुए ये हमले एक दूसरे के प्रति और मानवता के प्रति सम्मान की कमी के उदाहरण हैं।

