जलगाँव। शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी के पावन सानिध्य में ‘उजाला’ प्रबुद्ध महिला सेमिनार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जलगांव मनपा महापौर सीमाताई भोले की अध्यक्षता मे तेरापंथ महिला मंडल का यह उपक्रम सफल रहा।
उपस्थित प्रबुद्ध महिला समाज को सम्बोधित करते हुए विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्री जी ने कहा-आज महिलाएं उपलब्धियों के आसमान को छू रही है। वह सशक्त हैं पर भीतर से मानो दुर्बल हो रही है। अपेक्षा है वह कम्फर्ट जोन से शक्ति जोन में प्रवेश करें।जैन संस्कृति के तीन प्रमुख आदर्श है-सम-शम ओर श्रम। समता श्रमशीलता और सहनशीलता ये तीन आदर्श जीवनशैली के अंग बने। जब सहना सीखेंगे तो तलाक की समस्या,विग्रह की समस्या नहीं आएगी। श्रम की प्रतिष्ठा करे, स्वस्थ रहेगी।
नगर की महापौर सीमाताई भोले ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा – आज मुझे बड़ी खुशी है कि ऐसी महान साध्वीश्री के सानिध्य में मुझे दर्शनों का लाभ मिला है। उन्होंने जागतीक महिला दिवस पर उन्होंने महिला शब्द की सटीक व्याख्या कर सबको भावविभोर कर दिया।
प्रबुद्ध साध्वीश्री डॉ. योगक्षेमप्रभाजी ने अपने संयोजकीय वक्तव्य में कहा-नारी श्रद्धा है,नारी शक्ति है। वह सृजनशील है,संकल्पशील है। आज नारी को अंतरमंथन करें। अतीत के गौरव को अक्षुण्ण रखते हुए भावी के सपने सं संजोएं।
मुख्य अतिथि कांताई नेत्रालय की संचालिका श्रीमति भावना जैन ने अपने सारगर्भित वक्तव्य में कहा-आज शहरी अंचलों में सशक्तिकरण है किन्तु ग्रामीण अंचल अभी भी नए संप्रेरक की प्रतीक्षामें है। वहाँ की नारियों का सही माने में सशक्त बनाना जरूरी है।
साध्वीश्री लावण्यप्रभाजी,साध्वीश्री कुंदनयशाजी,साध्वीश्री मुदित प्रभाजी व साध्वीश्री मधुरप्रभाजी ने “सृजनशील तूं सहनशील” गीत की प्रस्तुति दी।
तेरापंथ महिला मंडल, जलगांव की युवती बहनों ने महाश्रमणी जी द्वारा रचित गीत ‘हो संकल्प सत्य शिव सुंदर’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
तेममं जलगांव की अध्यक्ष संतोष छाजेड ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए साध्वीश्री के प्रति हार्दिक कृतज्ञता ज्ञापित की।
इस अवसर पर प्रेरणा पुरस्कार के लिए श्रीमती ‘अर्पिता सेठिया ‘का चयन किया। जिन्होनें आर्थिक चुनौतियों को झेलते हुए अपना मुकाम हासिल किया है। उन्हें सम्मानित किया गया।
श्रीमती संजना सुराणा को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में जलगांव की विभिन्न संस्थाओं की प्रतिनिधि-जेपीपी महिला फ़ाउंडेशन की अध्यक्षा ममता जी कांकरीया,पीपी इनरव्हील क्लब आफॅ जलगांव के कंचन जी कांकरिया,गर्भ संस्कार ‘स्पर्श की संचालिका’ उज्जवला टाटीया, ए बी एम एम एस की राष्ट्रीय सचिव राजकुमारी जी बाल्दी, डॉ श्रद्धा चाण्डक,डॉ प्रिया पाटनी, डॉ अंजलि माहेश्वरी, डॉ हर्षिता नाहटा, डॉ सोनाली जैन, लोकमत अखबार की प्रतिनिधि भावना जी शर्मा उपस्थित थी।सभी विशेष अतिथियों का तेरापंथ महिला मंडल की पदाधिकारी बहनों द्वारा साहित्य देकर सम्मान किया गया। समाज की प्रबुद्ध महिला वर्ग में आर्किटेक्ट वर्षा चोरडिया,एमबीए फिजियोलोजिस्ट शीतल चोरडिया,डॉ प्रीति भूरट,डॉ विद्या कुचेरीआ, पीएचडी प्रो. श्वेता चोरडिया, सी ए खुशबू बाफना, आर्किटेक्ट संजना सुराणा, ऍम. कॉम.स्वीटी बोथरा, ऍम ए डिइड़ी मंजूषा डोषी, एम ए सरिता धारेवा की गरिमामय उपस्तिथि रही। इन बहनो की गरिमामय उपस्तिथि ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। इस अवसर पर मंडल की ओर से नारी सशक्तिकरण पर सब के विचारो का एक फोल्डर प्रकाशित किया गया।
मंच संचालन सेमिनार की निर्देशिका साध्वी डॉ योगक्षेमप्रभा जी ने कुशलता पूर्वक करते हुए कार्यक्रम को शानदार बना दिया। मंत्री निर्मला छाजेड ने कार्यक्रम के संदर्भ में साध्वी श्रीजी के प्रति अनंत अनंत कृतज्ञता ज्ञापित की। तथा सभी अतिथियों एवं श्रावक श्राविका समाज के प्रति आभार प्रकट किया। सेमिनार को सफल बनाने में निवर्तमान अध्यक्ष अरुणा जी छाजेड, संजना सुराणा, उमा सांखला, विनीता समदरिया, मंजुषा डोषी, विणा छाजेड, एवं शशी सुराणा का विशेष सहयोग रहा। ज्ञान चेतना रेसिडेंसि के भव्य सभागार में यह कार्यक्रम 9.30 से 11.30 तक चला। जलगांव के लिए यह कार्यक्रम विशेष कार्यकारी रहा। इसकी भव्यता और नव्यता ने सबको भाव विभोर कर दिया। तेरापंथ सभा, तेयूप,टीपीएफ, आदि के पदाधिकारियों व समाज बंधुओं ने उपस्थित होकर बहनों को सम्मान दिया।
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जलगांव में ‘उजाला’ प्रबुद्ध महिला सेमिनार का आयोजन

