सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: बस दूसरों के कहने से न करें खुद में बदलाव
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
lifestyle

बस दूसरों के कहने से न करें खुद में बदलाव

Last updated: March 8, 2019 2:45 pm
Surabhi Saloni
Share
4 Min Read
Image Courtesy: Google
SHARE

हम सबके आसपास ऐसे लोगों की लंबी फौज होती है, जो हमें सलाह देते रहते हैं। अपनी सलाहों से वे हमें बदलना चाह रहे होते हैं। कुल मिलाकर वे हमें, जैसे बाकी सब हैं, वैसा बनाने में जुट जाते हैं। नतीजा, हम खुद के प्रति सहज नहीं हो पाते।

15 थिंग्स यू शुड गिव अप टु बी हैपी नामक चर्चित किताब की लेखिका ल्यूमिनिटा डी. सेवियुक कहती हैं कि हम जीवन में कई ऐसे लोगों से मिलते हैं, जो हमें बताते हैं कि हमें अपने में कुछ बदलाव करने चाहिए। ज्यादातर लोगों को इस तरह के सुझाव या दखलअंदाजी अखरती है। इनकी वजह से हम खुद के प्रति रक्षात्मक हो जाते हैं और ऐसा व्यवहार करने लगते हैं, जैसे हम कुछ गलत काम कर रहे हों और हमें अपना रवैया या तौर-तरीका सुधारने की बहुत आवश्यकता है। यहां पर यह कहना सही नहीं होगा कि दूसरों के नजरिये या सुझाव में सत्य की मौजूदगी बिल्कुल नहीं होती। पर, दूसरों के द्वारा अपना विश्लेषण किए जाने पर कैसा लगता है, यह जानना भी जरूरी है।

भीड़ से अलग होना
एक क्षण के लिए सोचें कि हम जीवन को लेकर अलग तरीके से व्यवहार करते हैं, हमारी शुरुआत अलग होती है और हमारे जीवन के अनुभव भी अलग ही होते हैं।

सलाह देना बन रहा चलन
लोगों को बदलाव की सलाह देना आजकल का चलन बनता जा रहा है। जरूरत से ज्यादा भावनाएं दर्शाने पर आप पर ठप्पा लग सकता है, ज्यादा गुस्सा करने पर गुस्सैल का ठप्पा, ज्यादा हंसमुख होने पर जोकर या हंसोड़ का ठप्पा। और मेरे मामले में दुखी व्यक्ति का ठप्पा।

दूसरों के लिए बदलने का क्या मतलब
हमारी आदत है कि हम प्रोत्साहन को देखकर प्रतिक्रिया करते हैं। सांस्कृतिक स्वीकृति वह मंत्र है, जिसे देखकर हम अपने फैसले करते हैं। वर्ष 2011 में एक शोध हुआ कि कैसे समाज में सक्रिय लोग अपने व्यवहार में बदलाव लाते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो लोग इस बात को लेकर ज्यादा परेशान रहते हैं कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं। मनोविज्ञान की विद्यार्थी होने के नाते मेरा ज्ञान कहता है कि जो लोग अवसाद में होते हैं, वे अपने बारे में ज्यादा बेहतर जानते हैं, बजाय उनके जो अवसादग्रस्त नहीं हैं।

सबसे अलग होने का तोहफा
खुद को बदलना रातोंरात संभव नहीं होता, ना तो यह नए हेयर स्टाइल से संभव है और न ही वजन घटाने से या मस्तमौला दिखने से। बेशक इन बातों से हमें अच्छा महसूस हो सकता है, लेकिन हमारी आदतें और जीवनशैली वही रहेंगी और रह-रह कर तब तक उभर कर सामने आती रहेंगी, जब तक हम उन पर पूरी तरह से काबू नहीं पा लेते।

ईश्वर का उपहार है हमारा अनूठापन 
दूसरे हमें स्वीकार करें, इस दिशा में प्रयास करते हुए कई बार हम यही नहीं समझ पाते कि ऐसा करके हम तनाव में आ रहे हैं या राहत महसूस करते हैं? हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि अपनी बेहतरी के लिए कोई प्रयास ही नहीं करें। हम जिस तरह से अनूठे हैं, वह एक तरह से ईश्वर का हमें दिया उपहार है। इसे भी संजोएं।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article मिजोरम के राज्यपाल ने दिया इस्तीफा
Next Article लंबे समय से चल रहे विवाद को खत्म करने की दिशा में हम सभी मिलकर उठाएं कदम: श्री श्री रविशंकर

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

स्वयम् वी कनेक्ट की बैठक में 1.5 करोड़ के व्यवसाय का पड़ाव हुआ पूरा
social
September 23, 2026
लालबागचा राजा गणपति उत्सव में अमूल ने भक्तों के साथ मनाया उत्सव
Business Mumbai / Maharshtra
September 23, 2026
हवमोर ने लालबागचा राजा में गणेश उत्सव की खुशी को डांस सेलिब्रेशन के साथ इंतजार के पलों को बनाया मजेदार
Business Mumbai / Maharshtra
September 23, 2026
आठ साल बाद ‘सयोनी’ में लौटीं रश्मि देसाई, आज से शुरू होगी जान्हवी सोनी और गौतम सिंह विग की अनोखी प्रेम कहानी
entertainment
September 23, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?