चेन्नई। युग प्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के विद्वान सुशिष्य डॉ मुनिश्री पुलकित कुमारजी ठाणा 2 के मंगल सानिध्य में पर्युषण महापर्व महाआराधना का छठा दिवस जप दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ट्रिप्लिकेन तेरापंथ भवन में आयोजित मंत्र जाप से मिलती है सिद्धि विषय पर प्रवचन देते हुए डॉ मुनिश्री ने कहा भारतीय धर्म समुदायों में मंत्र की आराधना विशेष होती है। जैन धर्म में भी मंत्र जाप किया जाता है। मंत्र जाप करने का उद्देश्य अलग-अलग हो सकता है पर आध्यात्मिक दृष्टि से किया गया मंत्र जाप कल्याणकारी होता है।
मुनिश्री ने आगे कहा मंत्र का अर्थ है मन को त्राण देने वाला। मंत्र जाप से मन की चंचलता मिटती है। मंत्र जाप से अनेक ऋद्धि एवं सिद्धियां प्राप्त होती है। मंत्र जाप से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है तथा बीमारियां ठीक होकर जीवनदान मिल जाता है। मंत्र जाप करने से वीतरागता प्रकट होती है। मुनिश्री ने उपस्थित माता- पिताओं को प्रेरणा देते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को नवकार महामंत्र एवं ॐ भिक्षु मंत्र का प्रतिदिन भोजन से पूर्व एवं सुबह नाश्ते से पहले तथा रात को सोने से पहले कुछ देर अवश्य करना चाहिए।
मंत्र जाप करने से बच्चों की स्मरण शक्ति का विकास होता है तथा डिसीजन पावर भी अच्छा होता है। नचिकेता मुनि आदित्य कुमार ने जप दिवस पर गीत का संगान करते हुए मंत्र की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रत्यूष श्रीश्रीमाल ने सुमधुर भक्ति गीत प्रस्तुत किया। तेरापंथ कन्या मंडल ट्रिप्लिकेन ने मंगलाचरण गीत प्रस्तुत किया।
तेरापंथ भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष धारीवाल ने बताया मुनि श्री के सानिध्य में आयोजित पर्यूषण महापर्व महाआराधना शिविर में 125 व्यक्ति लाभान्वित हो रहे हैं। मुनिश्री के सानिध्य में वालाजापेट से संतोष बाफना, लक्ष्य मालू ने 6 तथा दर्शन धारीवाल, प्रदीप नाहटा ने 7 की तपस्या का प्रत्याख्याण लिया। मुनिश्री ने संवत्सरी महापर्व के दिन ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपवास एवं पौषध करने की प्रेरणा दी। आगे के कार्यक्रमों की सूचनाएं विजयराज गेलड़ा एवं संतोष सेठिया ने दी।
पर्युषण महापर्व का छठा दिवस जप दिवस के रूप में मनाया गया
Highlights
- मंत्र जाप से मिटता है संताप - डॉ मुनि पुलकित कुमार

